नयी दिल्ली। देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया की 2019-20 में 27,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना है। कंपनी के दस्तावेज से यह पता चला है। साथ ही कंपनी ने वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर के पूर्ण रूप से एकीकरण का समय कम कर वित्त वर्ष 2020-21 कर दिया है जो पहले 2022-23 था।
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दस्तावेज के अनुसार, ‘‘वित्त वर्ष 2019-20 में 270 अरब रुपये (27,000 करोड़ रुपये) के पूंजी व्यय की योजना है...’’ कंपनी को उम्मीद है कि विलय प्रक्रिया पूरी करने के लिये समयसीमा दो साल आगे किये जाने से नकदी प्रवाह करीब 8,400 करोड़ रुपये बढ़ेगा और वोडाफोन तथा आइडिया के उपकरणों की नये सिरे से तैनाती से करीब 6,200 करोड़ रुपये की बचत होगी।
वोडाफोन आइडिया की इंडस टावर में 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की भी योजना है। इससे 5,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। विलय के बाद बनने वाली इकाई का सकल कर्ज 30 सितंबर 2018 को 1,26,100 करोड़ रुपये था।