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व्हाइट-कॉलर जॉब ढूंढ रहे युवाओं के लिए बुरी खबर, इस कारण घटी नई नौकरियों की संख्या

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Apr 02, 2025 05:33 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 05:33 pm IST

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो मार्च, 2024 में 16 प्रतिशत संकुचन से सुधार को दर्शाता है।

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जॉब Image Source : FILE

व्हाइट-कॉलर जॉब ढूंढ रहे युवाओं के लिए बुरी खबर है। रिटेल, ऑयल एंड गैस तथा शिक्षा क्षेत्रों में भर्ती में गिरावट के कारण भारत के व्हाइट-कॉलर (दफ्तर में बैठकर काम करने वाले) नौकरी बाजार में नियुक्तियों के रुझान में मार्च में सालाना आधार पर 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। जॉबस्पीक इंडेक्स के आंकड़ों पर आधारित नौकरी डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दफ्तर में बैठकर काम करने वालों की भर्ती मार्च, 2025 में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग स्थिर रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल मार्च, 2024 की तुलना में कुछ क्षेत्रों में भर्तियां कम रहीं, जिनमें खुदरा (13 प्रतिशत), तेल और गैस (10 प्रतिशत) और शिक्षा (14 प्रतिशत) शामिल हैं। 

आईटी सेक्टर में भी गिरावट 

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो मार्च, 2024 में 16 प्रतिशत संकुचन से सुधार को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि आईटी के तहत उभरते प्रौद्योगिकी उप-क्षेत्र जिसमें क्रिप्टो और ब्लॉकचेन जैसी प्रौद्योगिकियों में काम करने वाली कंपनियां शामिल हैं, में 36 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इसके अलावा, आईटी स्टार्टअप ने भी मार्च 2025 में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। नौकरी जॉबस्पीक एक मासिक सूचकांक है जो नौकरी डॉट कॉम पर नौकरी के लिए दर्ज आवेदकों के आंकड़ों के आधार पर भर्तीकर्ताओं द्वारा नई नौकरी की सूचीबद्धता और नौकरी से संबंधित खोजों के आधार पर भारतीय नौकरी बाजार और नियुक्ति गतिविधियों की जानकारी देता है। 

भारतीय कंपनियों का AI अपनाने पर जोर

जनरेटिव एआई भारतीय कंपनियों के लिए महज चर्चा का विषय न होकर तेजी से एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक अनिवार्यता हो गई है और अधिकांश कारोबारी दिग्गज कृत्रिम मेधा (एआई) को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 54 प्रतिशत मानव संसाधन (एचआर) पेशेवरों ने नौकरी के लिए आने वाले आवेदनों में से केवल आधे या उससे भी कम आवेदकों के पास सभी जरूरी एवं पसंदीदा योग्यताएं होने की बात कही है। एचआर पेशेवरों के लिए सही तकनीकी कौशल (61 प्रतिशत) और लोगों से जुड़ने का कौशल यानी सॉफ्ट स्किल (57 प्रतिशत) वाले उम्मीदवारों को ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती है। 

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