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Realty Sector को जोर का झटका! महंगे Home Loan से घट सकती है घरों की बिक्री

 Edited By: Alok Kumar
 Published : May 05, 2022 10:32 am IST,  Updated : May 05, 2022 10:32 am IST

आरबीआई ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत दर (रेपो) को 0. 40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया है।

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Realty sector  Image Source : FILE

Highlights

  • बैंक जल्द ही होम लोन पर ब्याज दरों में इजाफा करेंगे
  • होम लोन महंगा होने से लोगों पर ईएमआई का बोझ बढ़ेगा
  • घर खरीदने का फैसला टाल सकते हैं ईएमआई बढ़ने पर लोग

Realty Sector को जोर का झटका लग सकता है। दरअसल, बढ़ती महंगाई को काबू करने के लिए दो साल बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। इससे महंगाई को कम करने में जरूर मदद मिलेगी लेकिन इसके साथ ही होम लोन महंगे हो जाएंगे। बैंक जल्द ही होम लोन पर ब्याज दरों में इजाफा करेंगे। इससे होम लोन की ईएमआई बढ़ेगी। यह घरों की बिक्री पर असर डालेगी। आने वाले दिनों में घरों की बिक्री कम हो सकती है। उद्योग से जुड़े लोगों ने यह आशंका व्यक्त की। इससे सेक्टर की ग्रोथ प्रभावित होगी।

 

सस्ते होम लोन से घरों की बिक्री बढ़ी थी 

अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने बताया कि कोरोना के बाद सस्ते होम लोन की दर ने घरों की बिक्री बढ़ाने का काम किया है। आम लोगों पर ईएमआई का बोझ कम होने से घरों की बिक्री बढ़ी थी, जिससे इस सेक्टर को पटरी पर लौटने में मदद मिल रही थी। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा एकदम से रेपो रेट में बड़ी बढ़ोतरी का फैसला हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा, यह वृद्धि घर खरीदारों को प्रभावित करेगी। इससे इस सेक्टर को झटका लग सकता है। कोरोना महामारी और निर्माण सम्रागी की असमान छूती कीमत से पहले ही डेवलपर्स परेशान है। यह फैसला और भी बुरा असर डालने का काम करेगा। 

अचानक वृद्धि से उद्योग की वृद्धि प्रभावित होगी

क्रेडाई-एमसीएचआई के अध्यक्ष बोमन ईरानी ने कहा कि मुद्रास्फीति के साथ रेपो दर में अचानक वृद्धि से उद्योग की वृद्धि प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दर बढ़ने से लोग घर खरीदने का इरादा टाल सकते हैं। एनरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि यह बढ़ोतरी कम ब्याज दर का दौर खत्म होने की ओर संकेत करती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सीमेंट, इस्पात, मजदूरी आदि लागत बढ़ने से आवासीय क्षेत्र का बोझ बढ़ेगा। 

बैंकों पर बोझ बढ़ेगा 

आरबीआई ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत दर (रेपो) को 0. 40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 प्रतिशत करने का भी फैसला किया है। इससे बैंकों के पास 87,000 करोड़ रुपये की नकदी घटेगी। इससे बैंकों पर बोझ बढ़ेगा। 

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