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बिहार में NH-22 पर 4 लेन का बनेगा मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन, कैबिनेट से मिली मंजूरी

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Aug 19, 2026 06:24 pm IST,  Updated : Aug 19, 2026 06:24 pm IST

ये प्रोजेक्ट प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल बॉर्डर को NH-27 पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे राज्य के इकोनॉमिक हब से जोड़ेगा।

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सांकेतिक तस्वीर Image Source : NITIN GADKARI/X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को बिहार में एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। कैबिनेट कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद बिहार में जल्द ही राष्‍ट्रीय राजमार्ग-22 (NH-22) के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को 4 लेन में बदलने का काम शुरू हो जाएगा। इस सेक्शन की लंबाई 82.578 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत डेवलप किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 3590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

भारत-नेपाल बॉर्डर को मुजफ्फरपुर के इकोनॉमिक हब से जोड़ेगा प्रोजेक्ट

ये प्रोजेक्ट प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल बॉर्डर को NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे राज्य के इकोनॉमिक हब से जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट से बिहार के मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले इलाकों में रोड ट्रैफिक को काफी कम करने में मदद मिलेगी।

100 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ सकेंगी गाड़ियां

इससे यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही, यात्रा दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। इसे 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है। इसमें सड़क के बीच डिवाइडर में समतल-स्‍तरीय कोई खुला रास्ता नहीं होगा, जिससे तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी।

सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी मिलेगा बढ़ावा

NH-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है, जो नेशनल फ्रेट ग्रिड से बिना किसी समस्या के कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है। ये NH-31 और NH-122 जैसे मौजूदा कॉरिडोरों के साथ तालमेल बिठाकर बरौनी जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल एरिया और गंगा नदी के किनारे स्थित लॉजिस्टिक्स सेंटरों से बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करता है। इसके साथ ही, ये भिटामोर स्थित निकटवर्ती लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है।

प्रोजेक्ट में बनाए जाएंगे 7 पुल, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवर

इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में ट्रैफिक को तेज और सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने और हाई स्पीड वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 7 प्रमुख पुलों (जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल शामिल है), तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर (1170 मीटर और 270 मीटर) का प्रावधान है।

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