सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के प्रमुखों को वित्त मंत्रालय ने आगामी 4 मार्च को बुलाया है। मंत्रालय इनके साथ एक खास मीटिंग करेगा, जिसमें बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन और वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू करेंगे। खबर है कि इस मीटिंग में पीएम स्वनिधि योजनाओं सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा और समीक्षा की जाएगी। संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किए जाने के बाद यह पहली बैठक होगी।
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अब तक का सबसे अधिक नेट प्रॉफिट
खबर के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में सरकारी बैंकों ने 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 31.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्शाता है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों जैसे रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, बेहतर एसेट क्वालिटी और पर्याप्त पूंजी बफर के निर्माण पर महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है।
12 सरकारी बैंकों ने 31.3 प्रतिशत शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष के नौ महीनों में 12 सरकारी बैंकों ने 31.3 प्रतिशत (साल-दर-साल) की शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की, जिससे 1,29,426 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ हासिल हुआ। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 0.59 प्रतिशत (कुल बकाया एनपीए 61,252 करोड़ रुपये) के काफी कम शुद्ध एनपीए अनुपात से भी बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता दिखाई देती है। बैंकों ने 9. 8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ 11 प्रतिशत (साल-दर-साल) की कुल कारोबार वृद्धि दर्ज की। इस अवधि के दौरान पीएसबी का कुल कारोबार 242. 27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
प्रदर्शन आधारित संशोधित प्रोत्सोहन योजना
सरकार ने कुछ समय पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वरिष्ठ कार्यकारियों के लिए प्रदर्शन आधारित संशोधित प्रोत्सोहन योजना जारी की है। इसके मानदंडों में संपत्ति पर रिटर्न और गैर-निष्पादित परिसंपत्ति का स्तर आदि शामिल है। योजना के लिए बैंकों की पात्रता का आकलन सरकार द्वारा नियुक्त समिति चार मापदंडों के आधार पर करेगी।