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भारत को मैन्यूफैक्चरिंग, रिसर्च सेंटर के रूप में देख रहीं जर्मन कंपनियां, विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी करना चाहते हैं यूरोपीय देश

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 24, 2026 04:14 pm IST,  Updated : Oct 24, 2026 04:14 pm IST

पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध न सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के द्वार खोलते हैं, बल्कि टैलेंट, इनोवेशन, को-क्रिएशन, को-डिजाइन, को-डेवलपमेंट और को-मैन्यूफैक्चरिंग के द्वार भी खोलते हैं।

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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल Image Source : HTTPS://X.COM/PIYUSHGOYAL

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जर्मनी की कंपनियां भारत को एक प्रमुख कंज्यूमर मार्केट के साथ-साथ मैन्यूफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) और इनोवेशन के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में देख रही हैं। पीयूष गोयल ने बर्लिन में अपनी दो दिनों की यात्रा खत्म करने के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने सीमेंस हेल्थकेयर, बर्टेल्समैन इन्वेस्टमेंट, फॉक्सवैगन और स्कोडा सहित अलग-अलग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। 

जर्मनी की लगभग 2000 कंपनियों का भारत में परिचालन

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''सभी सीईओ ने एक ही बात कही- जर्मनी की कंपनियां अब भारत को सिर्फ एक बाजार के रूप में नहीं देखती हैं, बल्कि अपने साझेदार, विनिर्माण के आधार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इनोवेशन के केंद्र के रूप में देखती हैं।'' इस समय जर्मनी की लगभग 2000 कंपनियों का भारत में परिचालन है। मंत्री दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए यहां आए थे। 

जर्मनी की इंडस्ट्री के सामने लागत में कटौती करना सबसे बड़ी अनिवार्यता  

पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध न सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के द्वार खोलते हैं, बल्कि टैलेंट, इनोवेशन, को-क्रिएशन, को-डिजाइन, को-डेवलपमेंट और को-मैन्यूफैक्चरिंग के द्वार भी खोलते हैं। गोयल ने कहा, ''आज जर्मनी की इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी अनिवार्यता लागत में कटौती करना और वैश्विक बाजारों में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनना है। इसलिए, वे भारत में बहुत बड़े पैमाने पर मैन्यूफैक्चरिंग की संभावनाएं देख रहे हैं। 

हरित हाइड्रोजन, वित्तीय सहायता जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ साझीदारी करना चाहते हैं यूरोपीय देश

जहां तक जर्मनी के इनोवेशन और डिजाइन से जुड़े कामों का सवाल है, लगभग हर कंपनी मुझे मौजूदा केंद्रों, जीसीसी (Global Capability Centers) के बारे में बड़े पैमाने पर बताती है, जहां वे लाखों प्रतिभाशाली युवाओं को रोजगार देते हैं।'' उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश हरित हाइड्रोजन, वित्तीय सहायता और अपनी हरित पहलों जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ साझीदारी करना चाहते हैं।

भारत में कारोबार के लिए स्थिर और भरोसेमंद माहौल

पीयूष गोयल ने गुरुवार को ग्लोबल इंवेस्टर्स को भरोसा दिलाया कि भारत में कारोबार के लिए स्थिर और भरोसेमंद माहौल है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने, काम करने और कारोबार बढ़ाने वालों को अन्य देशों जैसी अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ता। बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में उन्होंने कहा कि आज दुनिया बंटी हुई है और भरोसा एक दुर्लभ चीज बन गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत सभी निवेशकों, कारोबारियों और व्यापारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करता है।

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