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भारत में सोने की डिमांड में सबसे बड़ी गिरावट! 16% घटी सेल, खरीदने की जगह अब इन्वेस्ट कर रहे लोग

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Oct 30, 2025 11:23 pm IST,  Updated : Oct 31, 2025 12:05 am IST

सोना इस बार अपनी चमक कुछ फीकी पड़ती दिख रही है। जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत में गोल्ड की मांग में 16% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि जहां सोने की खरीद कम हुई है, वहीं सोने में निवेश बढ़ गया है।

भारत में गोल्ड की...- India TV Hindi
भारत में गोल्ड की डिमांड घटी Image Source : CANVA

भारत में सोने की चमक इस बार कुछ फीकी पड़ गई है। आमतौर पर त्योहारों और शादियों के मौसम में जहां सोने की मांग उछाल पर रहती है, वहीं इस बार ज्यादा दामों ने लोगों की जेब पर ऐसा असर डाला कि गोल्ड डिमांड 16% गिर गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में देश में सोने की कुल मांग 209.4 टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी कम है।

हालांकि सोने की कीमतों में उछाल के चलते मूल्य के हिसाब से गोल्ड डिमांड 23% बढ़ी, लेकिन वॉल्यूम के लिहाज से गिरावट साफ दिखाई दी। WGC के अनुसार, इस तिमाही में ज्वेलरी की डिमांड में 31% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि इन्वेस्टमेंट गोल्ड की डिमांड 20% बढ़कर 91.6 टन पर पहुंच गई।

इन्वेस्टमेंट के रूप में सोने की ओर रुझान

WGC इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने बताया कि भारतीय उपभोक्ता अब सोने को सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के रूप में देखने लगे हैं। निवेशकों ने इस बार कॉइंस और बार्स की जमकर खरीदारी की, जिससे इन्वेस्टमेंट वैल्यू 88,970 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है यानी सालाना आधार पर 74% की बड़ी छलांग।

ज्वेलरी की बिक्री में 31% गिरावट

रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगे सोने की वजह से ग्राहक अब लाइटवेट और लो-कैरट ज्वेलरी की तरफ झुकाव दिखा रहे हैं। इसके अलावा सितंबर में पड़ा श्राद्ध पक्ष ने भी ज्वेलरी बिक्री पर असर डाला।

सोने के इंपोर्ट और रिसाइक्लिंग पर असर

सप्लाई साइड पर भी गिरावट देखने को मिली। भारत के गोल्ड इंपोर्ट 37% घटकर 194.6 टन पर आ गए। वहीं, पुराने सोने की बिक्री में 7% की कमी दर्ज हुई, जिससे साफ है कि उपभोक्ता अपने पुराने सोने को बेचने के बजाय संभालकर रख रहे हैं। हालांकि, पुराने सोने के एक्सचेंज से नए ज्वेलरी की खरीदारी अभी भी मजबूत रही। प्रमुख ज्वेलर्स का कहना है कि उनकी कुल बिक्री का 40% हिस्सा पुराने सोने के एक्सचेंज से आया।

आगे क्या?

त्योहार और शादियों का सीजन अब शुरू हो चुका है, जिससे बाजार में उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं। WGC का अनुमान है कि 2025 में भारत की कुल गोल्ड डिमांड 600 से 700 टन के बीच रहेगी।

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