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सोने की चमक पड़ी फीकी! 5 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा भाव, जानिए 24 कैरेट गोल्ड का रेट

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 15, 2026 09:53 pm IST,  Updated : Sep 15, 2026 09:53 pm IST

सोना खरीदने वालों के लिए मंगलवार को बड़ी खबर सामने आई। सोने की कीमत में ₹1000 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना एक महीने से ज्यादा समय के निचले स्तर पर पहुंच गया।

सोने का भाव फिसला- India TV Hindi
सोने का भाव फिसला Image Source : CANVA

वैश्विक बाजार में आई नरमी और मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की चमक एक बार फिर फीकी पड़ गई है। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने के भाव में ₹1,000 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद सोना 5 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले सोने का यह निचला स्तर 7 अगस्त को देखने को मिला था। फेस्टिव सीजन से ठीक पहले सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से खरीदारों के चेहरे खिल गए हैं, लेकिन निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है।

स्थानीय सर्राफा व्यापारियों के अनुसार मंगलवार को दिल्ली में सोने का भाव ₹1,000 गिरकर ₹1,54,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी के भाव में लगातार दूसरे दिन कोई बदलाव नहीं देखा गया। चांदी ₹2,34,600 प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड का भाव $22.28 (0.52%) घटकर $4,276.52 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि अंतरराष्ट्रीय चांदी $63.07 प्रति औंस पर आ गई।

सोने की कीमतों में क्यों आई गिरावट?

  • क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) में तेजी: सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।
  • बॉन्ड यील्ड और अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने का डर: कच्चे तेल के महंगे होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका 92% तक बढ़ गई है।

आगे कैसा रहेगा बाजार का मिजाज?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड रिजर्व) की आगामी बैठक और नीतिगत निर्णयों तक सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर और क्रूड ऑयल की स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक सोने की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। ऐसे में खरीदारों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है।

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