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गन्ना किसानों के लिए आई खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाई FRP, जानें अब कितने रुपये में होगी खरीद

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 06, 2026 07:56 am IST,  Updated : May 06, 2026 07:56 am IST

सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर गन्ने का एफआरपी तय करती है। चीनी मिलों के लिए ये अनिवार्य है कि वे किसानों से गन्ना एफआरपी या उससे ज्यादा कीमत पर खरीदें।

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पिछले 10 साल से हर साल एफआरपी बढ़ा रही है सरकार Image Source : PTI

सरकार ने मंगलवार को अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) पर ये फैसला किया गया। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया, ''10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति (रिकवरी) दर के लिए एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा।'' हर 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर, एफआरपी में 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होती है। इससे ज्यादा रिकवरी को प्रोत्साहन मिलता है। 

अक्टूबर से सितंबर तक चलता है चीनी सत्र

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एफआरपी उत्पादन लागत (अखिल भारतीय भारित लागत) का 200.5 प्रतिशत है। मंत्री ने कहा, ''किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है।'' सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर गन्ने का एफआरपी तय करती है। चीनी मिलों के लिए ये अनिवार्य है कि वे किसानों से गन्ना एफआरपी या उससे ज्यादा कीमत पर खरीदें। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। 

पिछले 10 साल से हर साल एफआरपी बढ़ा रही है सरकार

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दस साल में हर साल गन्ने का एफआरपी बढ़ाया है। इस कदम से लगभग 1 करोड़ गन्ना किसानों को फायदा होगा और गन्ने की खेती में लगे खेतिहर मजदूरों को मदद मिलेगी। इसके साथ ही चीनी मिलों का लगातार चलना और घरेलू चीनी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इससे चीनी मिलों और उससे जुड़ी गतिविधियों में काम करने वाले पांच लाख मजदूरों को बेहतर रोजी-रोटी मिलेगी। साथ ही अतिरिक्त गन्ने से एथनॉल का उत्पादन भी संभव हो पाएगा।

कैबिनेट ने 3 रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी

एक अन्य फैसले में, कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की लगभग 23,437 करोड़ रुपये लागत वाली 3 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं में नागदा-मथुरा, गुंतकल-वाडी और बुरहवाल-सीतापुर सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। एक सरकारी प्रेस नोट के मुताबिक, रेल लाइनों की बढ़ी हुई क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी। 

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