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सरकारी बैंकों ने 9 महीने में कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, किया 242 लाख करोड़ रुपये का कारोबार, देखिए ये आंकड़े

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Feb 06, 2025 10:40 pm IST,  Updated : Feb 06, 2025 10:40 pm IST

देश के सरकारी बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी है और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए रेश्यो से भी इन बैंकों की बेहतर एसेट क्वालिटी का पता चलता है।

सरकारी बैंक- India TV Hindi
सरकारी बैंक Image Source : FILE

पब्लिक सेक्टर के 12 बैंकों का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों में सालाना आधार पर 31.3 प्रतिशत बढ़कर 1,29,426 करोड़ रुपये रहा। यह इस अवधि में अबतक का सर्वाधिक कुल शुद्ध लाभ है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने कुल 2,20,243 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ हासिल किया। बयान के अनुसार, इन बैंकों की नेट प्रॉफिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी काफी अच्छी रही है। साथ ही पर्याप्त पूंजी बफर है। 

242.27 लाख करोड़ रुपये रहा कुल कारोबार

मंत्रालय ने कहा कि 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए रेश्यो से भी बेहतर एसेट क्वालिटी का पता चलता है। सरकारी बैंकों ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ सालाना 11 फीसदी की कुल व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की है। समीक्षाधीन अवधि में सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन बैंकों ने 12.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि भी दर्ज की। इसमें खुदरा ऋण वृद्धि 16.6 प्रतिशत, कृषि ऋण वृद्धि 12.9 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण वृद्धि 12.5 प्रतिशत रही।

बेहतर स्थिति में हैं सरकारी बैंक

बयान के अनुसार, 14.83 प्रतिशत के जोखिम भारित परिसंपत्तियों के अनुपात के साथ पर्याप्त पूंजी बफर का निर्माण 11.5 प्रतिशत की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक था। मंत्रालय ने कहा, ''सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त पूंजीकृत हैं और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जिसमें कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है।'' वित्त मंत्रालय ने कहा कि नीति और प्रक्रिया संबंधी सुधारों के चलते ऋण अनुशासन, संकटग्रस्त परिसंपत्तियों की पहचान और समाधान, बेहतर संचालन व्यवस्था, वित्तीय समावेश पहल और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए बेहतर प्रणाली को बढ़ावा मिला है।

(पीटीआई/भाषा के इनपुट के साथ)

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