बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर निधु सक्सेना ने सोमवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में पूंजी जुटाने के एक और चरण के बाद 25 प्रतिशत की न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी की शर्त पूरी कर ली जाएगी। सक्सेना ने फिक्की और भारतीय बैंक संघ द्वारा आयोजित फिबैक के मौके पर कहा कि शेयर बिक्री के एक और चरण से बैंक को पूंजी पर्याप्तता और सरकार की हिस्सेदारी में कमी लाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने पब्लिक सेक्टर के पांच बैंकों को 1 अगस्त, 2026 तक सार्वजनिक शेयरधारिता सीमा बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने को कहा है।
सभी लिस्टेड कंपनियों में कम से कम 25 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता जरूरी
ये भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा जारी प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) नियमों के अनुरूप है। इसके अनुसार पब्लिक सेक्टर की कंपनियों समेत सभी लिस्टेड कंपनियों में न्यूनतम 25 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता होनी चाहिए। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने केंद्रीय लोक उपक्रमों और पब्ल्कि सेक्टर के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स को अगस्त, 2026 तक इससे छूट दी है। वर्तमान में, पुणे स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में सरकार की 79.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सक्सेना ने कहा कि बैंक के मौजूदा बाजार पूंजीकरण के अनुसार, अगर बैंक लगभग 2000-2500 करोड़ रुपये जुटाता है तो सरकार की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ जाएगी।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र को मिल चुकी है 7500 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी
उन्होंने कहा कि बैंक ने लोन और इक्विटी के माध्यम से 7500 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी ले ली है। पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अक्टूबर में QIP (पात्र संस्थागत नियोजन) के माध्यम से 3500 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके परिणामस्वरूप बैंक में सार्वजनिक हिस्सेदारी सितंबर के अंत के 13.5 प्रतिशत से बढ़कर 20.4 प्रतिशत हो गई। सक्सेना के अनुसार, बैंक ने अभी तक ये तय नहीं किया है कि पूंजी पात्र संस्थागत नियोजन के माध्यम से जुटाई जाएगी या फिर बिक्री पेशकश के माध्यम से। बैंक अभी भी स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है।
किस बैंक में सरकार की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
सरकार को जिन 5 पब्लिक सेक्टर के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी कम करनी है, उनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र तुलनात्मक रूप से अच्छी स्थिति में है। सरकार की इंडियन ओवरसीज बैंक में 94.6 प्रतिशत, पंजाब एंड सिंध बैंक में 93.9 प्रतिशत, यूको बैंक में 91 प्रतिशत और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 89.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है।