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भारत को 7% GDP ग्रोथ चाहिए तो टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने पर देना होगा ध्यान, EY ने सरकार को दिये ये सुझाव

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Feb 26, 2025 04:36 pm IST,  Updated : Feb 26, 2025 04:36 pm IST

ईवाई ने कहा कि भारत की राजकोषीय रणनीति को जीडीपी में बदलाव के अनुपात में कर राजस्व बढ़ाने, विवेकपूर्ण व्यय प्रबंधन और सतत वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

टैक्स टू जीडीपी रेश्यो- India TV Hindi
टैक्स टू जीडीपी रेश्यो Image Source : FILE

अकाउंटिंग और कंसल्टिंग कंपनी EY ने बुधवार को कहा कि भारत को 6.5 से 7.0 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के लिए जीडीपी में बदलाव के अनुपात में टैक्स रेवेन्यू में वृद्धि की जरूरत है। कंपनी ने कहा कि 1.2 से 1.5 टैक्स उछाल (Tax Buoyancy)  की जरूरत है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार को राजस्व संग्रह को मजबूत करने की आवश्यकता है, विशेष रूप से टैक्स टू जीडीपी रेश्यो को वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान में अनुमानित 12 प्रतिशत से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030-31 तक 14 प्रतिशत करना होगा।

टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने पर देना होगा ध्यान

ईवाई ने कहा कि भारत की राजकोषीय रणनीति को जीडीपी में बदलाव के अनुपात में कर राजस्व बढ़ाने, विवेकपूर्ण व्यय प्रबंधन और सतत वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 का बजट रणनीतिक रूप से विकास की अनिवार्यताओं के साथ राजकोषीय मजबूती को संतुलित करता है। श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हालांकि, भारत को 6.5 से 7.0 प्रतिशत की मध्यम अवधि की वृद्धि दर हासिल करने और अपने विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि टैक्स वृद्धि 1.2 से 1.5 फीसदी के दायरे में बनी रहे। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में तेजी लाने, सामाजिक क्षेत्र के खर्च को बढ़ाने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक राजकोषीय गुंजाइश बनाने में मदद मिलेगी।’’

टैक्स रेवेन्यू में वृद्धि घटी

ईवाई इंडिया इकनॉमी वॉच की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन साल में सकल कर राजस्व में उछाल धीरे-धीरे कम हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 1.4 से वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान के अनुसार 1.15 पर आ गया। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में इसके 1.07 रहने का अनुमान है। ईवाई रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘कर उछाल 1.2 से 1.5 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने से भारत सरकार को 6.5 से 7. प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर हासिल करने में मदद मिल सकती है।’’ अगले वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.3 से 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने की संभावना है।

(पीटीआई/भाषा)

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