भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल दर्ज किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को इसको लेकर लेटेस्ट आंकड़े जारी किए। 21 फरवरी को खत्म सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.758 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 640.479 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में, कुल भंडार 2.54 अरब मेरिकी डॉलर घटकर 635.721 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया था।
भंडार में गिरावट का रुख थमा
खबर के मुताबिक, रुपये में अस्थिरता को कम करने में मदद करने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के साथ-साथ पुनर्मूल्यांकन के चलते पिछले कई हफ्तों से भंडार में गिरावट का रुख रहा है। सितंबर 2024 के आखिर में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 704.885 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 21 फरवरी को खत्म सप्ताह के लिए, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो भंडार का एक प्रमुख घटक है, 4.251 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 543.843 अरब अमेरिकी डॉलर हो गईं।
स्वर्ण भंडार 426 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़ा
डॉलर के संदर्भ में व्यक्त विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी इकाइयों की मूल्यवृद्धि या मूल्यह्रास का प्रभाव शामिल होता है। आरबीआई ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार 426 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 74.576 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 73 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 17.971 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गए। शीर्ष बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति 7 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 4.09 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गई।
जनवरी अंत में राजकोषीय घाटा
केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जनवरी 2025 के अंत में वार्षिक लक्ष्य के 74.5 प्रतिशत तक पहुंच गया। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वास्तविक रूप से राजकोषीय घाटा अप्रैल-जनवरी 2024-25 की अवधि में 11,69,542 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2023-24 के संशोधित अनुमान (आरई) का 63.6 प्रतिशत था। चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा 15.69 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।