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भारत की विकास दर FY2025-26 में इतनी रहेगी, इंडिया रेटिंग्स का अनुमान, जानें चालू वित्त वर्ष को लेकर राय

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Dec 18, 2024 04:58 pm IST,  Updated : Dec 18, 2024 04:58 pm IST

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का मानना ​​है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौद्रिक, राजकोषीय और बाहरी सख्ती का सामना कर रही है। एजेंसी ने कहा कि हालांकि अब मौद्रिक स्थितियों में नरमी आने की उम्मीद है, लेकिन वित्तीय और सख्ती वित्त वर्ष 2026 में भी जारी रहने की उम्मीद है।

उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में खुदरा महंगाई औसतन 4.4 प्रतिशत रहेगी, जो वित्त वर्ष 25 के 4.9 प्रतिश- India TV Hindi
उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में खुदरा महंगाई औसतन 4.4 प्रतिशत रहेगी, जो वित्त वर्ष 25 के 4.9 प्रतिशत के पूर्वानुमान से कम है। Image Source : FREEPIK

भारतीय अर्थव्यवस्था 2025-26 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। यह ताजा अनुमान इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बुधवार को लगाया है। चालू वित्त वर्ष के लिए यह अनुमान 6.4 प्रतिशत है। रेटिंग एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए निवेश एक प्रमुख विकास चालक होगा। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इंडियन इकोनॉमी ने बीते तीन तिमाहियों में मंदी का अनुभव किया है, जिसके दिसंबर तिमाही से उलट होने की उम्मीद है।

जीडीपी ग्रोथ इसलिए हुई प्रभावित

खबर के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 तक भारत की जीडीपी ग्रोथ कोविड-19 के बाद के प्रभावों से प्रभावित हुई। वित्त वर्ष 2025 की जून तिमाही की जीडीपी ग्रोथ मजबूत आधार प्रभाव और मई 2024 में आम चुनावों के संयोजन से प्रभावित हुई, जबकि जुलाई-सितंबर की अवधि में विकास में कमजोर निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय का विस्तारित प्रभाव देखा गया। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का मानना ​​है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मौद्रिक, राजकोषीय और बाहरी सख्ती का सामना कर रही है। एजेंसी ने कहा कि हालांकि अब मौद्रिक स्थितियों में नरमी आने की उम्मीद है, लेकिन वित्तीय और सख्ती वित्त वर्ष 2026 में भी जारी रहने की उम्मीद है।

इतनी महंगाई दर रहने का अनुमान

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के के मुख्य अर्थशास्त्री और सार्वजनिक वित्त प्रमुख देवेंद्र कुमार पंत ने कहा कि इन सब के बावजूद वित्त वर्ष 2026 की जीडीपी ग्रोथ भारत की सर्वश्रेष्ठ दशकीय ग्रोथ (वित्त वर्ष 11-वित्त वर्ष 20) के समान रहने की उम्मीद है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की राय है कि अगर डॉलर में मजबूती जारी रहती है, तो ग्रोथ और मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान किसी भी टैरिफ वॉर और किसी भी कैपिटल आउटफ्लो से प्रभावित हो सकता है। उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में खुदरा महंगाई औसतन 4.4 प्रतिशत रहेगी, जो वित्त वर्ष 25 के 4.9 प्रतिशत के पूर्वानुमान से कम है।

ब्याज दरों में कटौती पर क्या कहा

ब्याज दरों में कटौती का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले डेटा - वित्त वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट का अंकगणित, मुद्रास्फीति का प्रोजेक्शन और विकसित घरेलू और वैश्विक परिदृश्य - आरबीआई के लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण दृष्टिकोण के साथ कैसे मेल खाते हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में व्यापारिक व्यापार खाते में 308 अरब अमेरिकी डॉलर का घाटा रहने की उम्मीद है।

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