दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस समय महंगाई, महंगे कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। इसके बावजूद भारत की इकोनॉमी की ग्रोथ को लेकर एक बड़ा अनुमान सामने आया है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म कोहलबर्ग क्राविस रॉबर्ट्स एंड कंपनी (KKR) का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में अभी लंबी अवधि की ग्रोथ की काफी गुंजाइश है और अगले 10 साल में देश की इकोनॉमी 8 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के स्तर तक पहुंच सकती है।
4 ट्रिलियन डॉलर का पड़ाव पार
KKR की अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का स्तर पार कर चुका है। अब अगला बड़ा लक्ष्य इकोनॉमी को दोगुना करना है। फर्म का मानना है कि पिछले एक दशक में किए गए आर्थिक और ढांचागत सुधारों ने भारत की विकास क्षमता को मजबूत किया है। GST, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड यानी IBC और लेबर मार्केट के ज्यादा औपचारिक होने जैसे बदलावों ने अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूत करने में भूमिका निभाई है। KKR के मुताबिक, इन सुधारों का पूरा असर एक-दो तिमाहियों में नहीं, बल्कि कई वर्षों में दिखाई देता है।
10-11% नॉमिनल GDP ग्रोथ की क्षमता
KKR का मानना है कि इन सुधारों के चलते भारत के लिए 10-11% की नॉमिनल GDP ग्रोथ का रास्ता बन सकता है। फर्म के अनुसार, भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी पूरी नहीं हुई है। आने वाले वर्षों में पहले से लागू सुधारों का असर और ज्यादा दिखाई दे सकता है।
बढ़ती आय और खपत बनेगी ताकत
भारत में बढ़ती आय और घरेलू खपत को भी लंबी अवधि की ग्रोथ का अहम आधार माना गया है। लोगों की आमदनी बढ़ने पर सामान और सेवाओं की मांग बढ़ती है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलती है। हालांकि, करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें छोटी अवधि में चुनौती बन सकती हैं। महंगा तेल भारत की महंगाई और आयात लागत पर दबाव डाल सकता है।
सर्विसेज और AI से नई उम्मीद
सर्विसेज सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है। KKR के मुताबिक, सर्विसेज एक्सपोर्ट और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं। आने वाले समय में AI इस सेक्टर की ग्रोथ का अगला बड़ा जरिया बन सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का मिलेगा फायदा
सड़क, रेलवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश भी अर्थव्यवस्था की क्षमता बढ़ा रहा है। इससे कारोबार की लागत और समय कम करने में मदद मिल सकती है।
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