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3 घंटे में निवेशकों के डूब गए ₹8 लाख करोड़, सेंसेक्स 800 अंक टूटा; शेयर बाजार में अचानक क्यों मची भगदड़?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 08, 2026 12:55 pm IST,  Updated : Oct 08, 2026 12:55 pm IST

बाजार खुलने के कुछ ही घंटों में गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ऐसा भूचाल आया कि निवेशकों की चिंता बढ़ गई। सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूटकर 71,800 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 300 से अधिक अंक फिसल गया। इस तेज गिरावट के बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹8 लाख करोड़ घट गया।

शेयर बाजार क्रैश- India TV Hindi
शेयर बाजार क्रैश Image Source : CANVA

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर तेज बिकवाली देखने को मिली। कारोबार शुरू होने के करीब तीन घंटे के भीतर सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक टूटकर 71,800 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 300 से ज्यादा अंक गिरकर 22,300 के स्तर से नीचे आ गया। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बाजार में कमजोरी के चलते BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब ₹8 लाख करोड़ की कमी आ गई। आखिर ऐसी क्या वजह रही कि कुछ ही घंटों में बाजार में इतनी बड़ी भगदड़ मच गई?

RBI के सख्त रुख से बढ़ी चिंता

शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में RBI का ताजा फैसला शामिल है। केंद्रीय बैंक ने तीन साल बाद पहली बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही RBI ने अपनी नीति का रुख न्यूट्रल से बदलकर कैलिब्रेटेड टाइटनिंग कर दिया। इसका मतलब है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आने वाले समय में भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इससे निवेशकों में ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव

ग्लोबल बाजारों में बॉन्ड की बिकवाली के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेज उछाल आया है। 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड 5.71% से ऊपर पहुंच गई, जबकि 10 साल की यील्ड 5.3% और 2 साल की यील्ड करीब 4.9% रही। यील्ड बढ़ने पर बॉन्ड निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं। ऐसे में शेयर बाजार से पैसा निकलने का दबाव बढ़ता है।

102 डॉलर के पार पहुंचा क्रूड

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को भी ऊपर धकेला है। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में महंगा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ा सकता है। इसका असर बाजार के सेंटीमेंट पर भी पड़ता है।

FII की लगातार बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को FII ने 6,121 करोड़ रुपये से ज्यादा के भारतीय शेयर बेचे। इसके साथ ही लगातार नौ कारोबारी सत्रों में उनकी कुल बिकवाली करीब ₹57,000 करोड़ पहुंच गई। सितंबर की शुरुआत से 25 में से 20 कारोबारी सत्रों में FII नेट सेलर रहे हैं। यानी घरेलू बाजार में वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों से दबाव बना हुआ है।

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