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महंगाई ने फिर बढ़ाई टेंशन! फरवरी के 2.13% से बढ़कर मार्च में 3.88% हुई थोक महंगाई दर, सरकार के आंकड़ों ने चौंकाया

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Apr 15, 2026 12:45 pm IST,  Updated : Apr 15, 2026 12:46 pm IST

देश में महंगाई एक बार फिर रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 3.88% पहुंच गई है, जो फरवरी में 2.13% और जनवरी में 1.68% थी। इस अचानक बढ़ोतरी ने आम लोगों और बाजार दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

मार्च में थोक महंगाई...- India TV Hindi
मार्च में थोक महंगाई दर बढ़ी Image Source : CANVA

देश में महंगाई एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ाने लगी है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 3.88% पर पहुंच गई है, जो फरवरी में 2.13% और जनवरी में 1.68% थी। लगातार तीन महीनों से महंगाई में हो रही यह बढ़ोतरी संकेत दे रही है कि आने वाले समय में कीमतों का दबाव और बढ़ सकता है।

मार्च के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि महंगाई ने तेजी पकड़ ली है। जनवरी से मार्च तक WPI में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सिर्फ सालाना ही नहीं, बल्कि महीने-दर-महीने आधार पर भी कीमतों में 1.64% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बताता है कि बाजार में लागत का दबाव बढ़ रहा है।

कच्चे तेल और ईंधन ने बढ़ाई परेशानी

महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और ईंधन की कीमतों में उछाल है। फ्यूल और पावर सेक्टर में 1.05% की महंगाई दर्ज की गई, जो पहले गिरावट में था। महीने के आधार पर इस सेक्टर में 4.13% की बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि ग्लोबल एनर्जी कीमतों का असर भारत पर भी पड़ रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी बढ़ा दबाव

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी महंगाई बढ़ती नजर आई। इस सेक्टर में 3.39% की महंगाई दर्ज की गई है। फूड प्रोडक्ट्स, केमिकल्स, मेटल और टेक्सटाइल जैसे कई क्षेत्रों में कीमतें बढ़ी हैं। 22 में से 16 मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दाम बढ़ना इस बात का संकेत है कि इंडस्ट्री पर लागत का दबाव बढ़ रहा है।

प्राइमरी आर्टिकल्स में तेज उछाल

प्राइमरी आर्टिकल्स यानी कच्चे उत्पादों की महंगाई 6.36% तक पहुंच गई है। इसमें कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में तेज उछाल का बड़ा योगदान है। हालांकि कुछ खाने वाली चीजों की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर इस कैटेगरी में महंगाई ऊंची बनी हुई है।

खाने-पीने की चीजों में राहत

थोक महंगाई के बीच एक राहत की बात यह है कि फूड इंडेक्स तुलना में स्थिर रहा। मार्च में यह 1.85% पर बना रहा, जिससे संकेत मिलता है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ।

आगे क्या बढ़ेगी महंगाई?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो महंगाई और बढ़ सकती है। इससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ना तय है, क्योंकि थोक महंगाई का असर धीरे-धीरे खुदरा कीमतों पर भी दिखाई देता है।

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