घर-घर में वाटर प्यूरीफायर के लिए पहचानी जाने वाली KENT अब बिजली और एनर्जी स्टोरेज के कारोबार में भी अपनी जगह बनाने की तैयारी में है। कंपनी ने अपने नए डिवीजन 'KENT New Energy' के तहत लिथियम बैटरी, सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर और स्मार्ट पावर बैकअप उत्पाद लॉन्च किए हैं। कंपनी का लक्ष्य लोगों को बिजली कटौती से राहत देने के साथ घरों में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इस विस्तार के लिए कंपनी ने नोएडा में करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश भी किया है।
16 kWh तक की लिथियम बैटरी लॉन्च
KENT ने सोलर एनर्जी स्टोरेज के लिए 5.1 kWh, 11.8 kWh और 16 kWh क्षमता वाली लिथियम बैटरियां पेश की हैं। इनकी मदद से सोलर पैनल या ग्रिड से मिलने वाली बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकेगा। कंपनी के मुताबिक, इन बैटरियों को 6,000 से अधिक चार्जिंग साइकल के लिए तैयार किया गया है और इन पर 10 साल की वारंटी मिलेगी। कंपनी ने 3 kW से 15 kW तक की क्षमता वाले सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर भी लॉन्च किए हैं, जो सोलर पैनल, बैटरी और ग्रिड से मिलने वाली बिजली को एक साथ मैनेज कर सकते हैं।
₹22,000 से शुरू होगी लिथियम बैटरी की कीमत
कंपनी ने सामान्य घरेलू इन्वर्टर और यूपीएस के लिए भी 12 वोल्ट और 24 वोल्ट की लिथियम बैटरियां पेश की हैं। इनकी शुरुआती कीमत 22,000 रुपये है। कंपनी का दावा है कि पारंपरिक लेड-एसिड बैटरियों के मुकाबले इनका इस्तेमाल करने से 10 साल में 30,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत इस्तेमाल और रखरखाव की लागत पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, कंपनी ने इन्वर्टर और बैटरी को एक ही यूनिट में जोड़ने वाला ऑल-इन-वन इन्वर्टर भी पेश किया है। नए उत्पादों में मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति और बिजली के इस्तेमाल की निगरानी की सुविधा मिलेगी।
3 एसी चलाने में सक्षम केंट का सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर
KENT के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर महेश गुप्ता ने कहा कि कंपनी के नए सोलर इन्वर्टर की सबसे बड़ी खासियत इसकी 10 साल की वारंटी है, जो सामान्य इन्वर्टर की बैटरी लाइफ के मुकाबले तीन गुना तक ज्यादा है। उन्होंने बताया कि जहां ज्यादातर इन्वर्टर से सिर्फ पंखे और बल्ब जैसे उपकरण चलाए जा सकते हैं, वहीं KENT का सोलर हाइब्रिड इन्वर्टर एक साथ तीन एसी चलाने में सक्षम है। यह बाजार में उपलब्ध इन्वर्टरों के मुकाबले बेहतर क्वालिटी वाला लिथियम बैटरी आधारित समाधान है। हालांकि, कंपनी के सामने कीमत को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने की चुनौती है, क्योंकि बाजार में कम कीमत वाले इन्वर्टर भी उपलब्ध हैं। महेश गुप्ता ने कहा कि आज भी कई गांवों में रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। ऐसे क्षेत्रों में सोलर इन्वर्टर काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीन एनर्जी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा दिखाई है। इसी से प्रेरित होकर KENT ने पानी के कारोबार से आगे बढ़ते हुए अब ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखा है।
नोएडा में ₹250 करोड़ का निवेश
KENT ने इन उत्पादों के निर्माण के लिए नोएडा के सेक्टर-159 में करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश किया है। छह एकड़ में फैले इस प्लांट की मौजूदा वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.5 GWh है। कंपनी अगले छह महीनों में इसे बढ़ाकर 10 GWh करने की योजना बना रही है।
तेजी से बढ़ते सोलर बाजार पर नजर
देश में रूफटॉप सोलर सिस्टम और ऊर्जा स्टोरेज की बढ़ती मांग के बीच KENT ने नए कारोबार में कदम रखा है। कंपनी अपने मौजूदा डीलर नेटवर्क, रिटेल स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादों की बिक्री करेगी। इस कदम से कंपनी का कारोबार वाटर और एयर प्यूरीफायर से आगे बढ़कर घरेलू ऊर्जा समाधानों तक पहुंच जाएगा।