देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को कहा कि वह हरियाणा में अपना तीसरा प्लांट राज्य के खरखौदा में लगा रही है। कंपनी के बोर्ड ने 26 मार्च को इस प्लांट को लगाने के लिए 7,410 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस नए प्लांट की सालाना क्षमता 2.5 लाख यूनिट होगी। मारुति सुजुकी ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि 2.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष की क्षमता वाला एक और प्लांट निर्माणाधीन है।
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खरखौदा में 2029 तक क्षमता 7.5 लाख यूनिट हो जाएगी
खबर के मुताबिक, बोर्ड ने बुधवार को हुई अपनी बैठक में खरखौदा में तीसरा प्लांट लगाने को मंजूरी दे दी, जिसकी क्षमता 2.5 लाख वाहन प्रति वर्ष होगी। इसके साथ ही खरखौदा में क्षमता 7.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है और प्रस्तावित क्षमता 2029 तक जोड़ी जाएगी। कंपनी ने कहा कि निवेश का वित्तपोषण आंतरिक स्रोतों से किया जाएगा। तीसरे प्लांट की स्थापना का मकसद निर्यात सहित बाजार की मांग में वृद्धि है।
यहां हैं कंपनी के प्लांट
भारत में मारुति सुजुकी के तीन मुख्य मैनुफैक्चरिंग प्लांट हैं। हरियाणा में गुरुग्राम और मानेसर, तथा गुजरात में हंसलपुर, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.35 मिलियन यूनिट है। मारुति सुजुकी हरित विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी अपनी मानेसर और खरखौदा प्लांट में सौर क्षमता का विस्तार करने की योजना बना रही है। कंपनी ब्रेज़ा, एर्टिगा, एक्सएल 6, वैगन आर, डिजायर, एस-प्रेसो, सियाज़ और सेलेरियो जैसे कई सबसे अधिक बिकने वाले वाहन बनाती है।
मारुति सुजुकी का हरियाणा में गुरुग्राम प्लांट सालाना 700,000 यूनिट्स की क्षमता रखता है, जबकि गुजरात में इसका हंसलपुर संयंत्र प्रति वर्ष 750,000 यूनिट्स का उत्पादन कर सकता है। इसके अतिरिक्त, इसके मानेसर संयंत्र की क्षमता अब प्रति वर्ष 900,000 यूनिट्स की है। हरियाणा में नए प्लांट के ऑपरेशनल हो जाने के बाद कंपनी की उत्पादन क्षमता और मजबूत हो जाएगी।