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MSP Rate: 2,356 करोड़ रुपये का एमएसपी किया गया वितरित, 130.87 लाख किसान को हुआ फायदा

 Edited By: India TV Business Desk
 Published : Oct 07, 2022 05:35 pm IST,  Updated : Oct 07, 2022 05:35 pm IST

MSP Rate: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और तमिलनाडु में चल रहे खरीफ मार्केटिंग सीजन 2022-23 में कुल 1,16,761 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,356.30 करोड़ रुपये से लाभ हुआ है।

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2,356 करोड़ रुपये का एमएसपी किया गया वितरित Image Source : IANS

Highlights

  • 882 लाख मीट्रिक टन हुई धान की खरीद
  • एमएसपी मूल्य के साथ 130.87 लाख किसान लाभान्वित
  • DAP और एनपीके खाद के दाम हो सकते हैं कम

MSP Rate: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और तमिलनाडु में चल रहे खरीफ मार्केटिंग सीजन 2022-23 में कुल 1,16,761 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,356.30 करोड़ रुपये से लाभ हुआ है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि 2021-22 के खरीफ मार्केटिंग सीजन में 1,72,898,89 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य के साथ 130.87 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

 882 लाख मीट्रिक टन हुई धान की खरीद

2022-23 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु राज्यों में 5 अक्टूबर तक 11.44 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 2021-22 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान 5 अक्टूबर तक 882 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसके अलावा, 24 मार्च से 5 अक्टूबर, 2022 के बीच लगभग 1,225 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न के 43,733 रैक लोड किए गए हैं।

DAP और एनपीके खाद के दाम हो सकते हैं कम

देश में उर्वरक बनाने वाली कंपनियां फॉस्फोरिक एसिड को 1,000-1,050 डॉलर प्रति टन के भाव पर आयात करने की योजना बना रही हैं। सितंबर तिमाही में वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं की तरफ से तय कीमत के मुकाबले यह भाव करीब 40 प्रतिशत कम है। फॉस्फोरिक एसिड का इस्तेमाल डीएपी (DAP) और अन्य एनपीके (NPK) उर्वरकों के उत्पादन में एक अहम कच्चे माल के तौर पर किया जाता है। कृषि क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि भारतीय किसानों के लिए डीएपी एवं एनपीके उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बुवाई के समय ये जरूरी खाद की उपलब्धता सुनिश्चत करने में मिलेगी। साथ ही सस्ते दर पर आयात होने से कीमत में भी कमी आएगी।

कीमतों में तेजी से गिरावट आई

सूत्रों के मुताबिक, पिछली तिमाही के अंत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में फॉस्फोरिक एसिड का भाव 1,715 डॉलर प्रति टन था। लेकिन सितंबर तिमाही में डीएपी उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से गिरावट आई जिसके बाद फॉस्फोरिक एसिड के भाव में भी कमी आने की उम्मीद की जा रही है। फॉस्फोरिक एसिड की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का निर्धारण तिमाही आधार पर किया जाता है। इसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में ओसीपी मोरक्को, जेपीएमसी जॉर्डन और सेनेगल शामिल हैं। सूत्रों ने कहा कि एक उर्वरक कंपनी ने सेनेगल से फॉस्फोरिक एसिड की एक खेप 1,200 डॉलर प्रति टन के भाव पर खरीदी है लेकिन यह भाव अब भी ज्यादा है। देश की अग्रणी उर्वरक कंपनियां अगली तिमाही में इसकी खरीद 1,000-1,050 डॉलर प्रति टन के भाव पर करने की योजना बना रही हैं। उर्वरक मंत्रालय का भी मानना है कि इस तिमाही में फॉस्फोरिक एसिड का भाव 1,100 डॉलर प्रति टन से कम होना चाहिए।

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