संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने चालू वित्त वर्ष के दौरान विस्तृत जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए कुल 46 विषयों को चुना है। इन विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), करेंसी मैनेजमेंट और क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) शामिल हैं। बताते चलें कि अक्टूबर की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अलग-अलग मंत्रालयों से संबंधित कई संसदीय समितियों का पुनर्गठन किया था।
बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब वित्त संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष नियुक्त
बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब को वित्त संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है, जिसमें लोकसभा से 21 सदस्य और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल हैं। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार वित्त संबंधी स्थायी समिति (2026-27) ने वित्त मंत्रालय , कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, नीति आयोग और सांख्यिकी तथा कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से संबंधित 46 विषयों को साल के दौरान विस्तृत जांच और रिपोर्ट के लिए चुना गया है।
बैंकिंग, पेंशन और हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टरों की स्टडी करेगी समिति
समिति द्वारा चुने गए विषय मौजूदा आर्थिक हालात में प्रासंगिक हैं। इनमें प्राइस और करेंसी स्टेबिलिटी के लिए रणनीति, करेंसी मैनेजमेंट, फाइनेंशियल सेक्टर में रेगुलेटरी तंत्र और पब्लिक सेक्टर की संपत्तियों का मॉनेटाइजेशन शामिल हैं। समिति बैंकिंग, पेंशन और हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टरों की स्टडी और असंगठित क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा और केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं का मूल्यांकन भी करेगी।
शेयर बाजार नियामक सेबी के कामकाज की भी होगी समीक्षा
ये बदलती हुई व्यापक आर्थिक स्थिति, छोटी बचत योजनाओं, बदलती अर्थव्यवस्था में भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका और शेयर बाजार नियामक सेबी के कामकाज की भी समीक्षा करेगी। ये समिति पैनल कस्टम, GST और डायरेक्ट टैक्स में सुधारों पर भी गौर करेगा, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और आगे की राह पर स्टडी करेगी, फाइनेंशियल सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उभरते मुद्दों और संभावनाओं का विश्लेषण करेगी और NBFC सेक्टर में विनियामक कमियों की जांच करेगा।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी फोकस
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के संबंध में, ये स्थायी समिति नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने आने वाली चुनौतियों और आगे की राह की स्टडी करेगी, CSR और कॉर्पोरेट ई-गवर्नेंस की समीक्षा करेगी तथा ऑडिटरों की जवाबदेही पर गौर करेगी।
नीति आयोग की भूमिका की भी होगी समीक्षा
समिति अलग-अलग सेक्टरों के लिए रोडमैप तैयार करने में नीति आयोग की भूमिका और 'आकांक्षी जिला कार्यक्रम' (एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम) के कामकाज की भी समीक्षा करेगी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के लिए, ये पैनल राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी का अध्ययन करेगा और आर्थिक डेटा तंत्र को मजबूत करने के उपाय सुझाएगा।
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