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Forex बिजनेस पर RBI सख्त! नए मनी चेंजर लाइसेंस पर रोक, विदेशी मुद्रा कारोबार के नियम बदले

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 06, 2026 10:21 pm IST,  Updated : May 06, 2026 10:21 pm IST

विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) कारोबार को लेकर अब नियम और कड़े हो गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए मनी चेंजर के नए लाइसेंस पर रोक लगा दी है।

विदेशी मुद्रा कारोबार...- India TV Hindi
विदेशी मुद्रा कारोबार में बड़ा बदलाव Image Source : ANI

विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) से जुड़े कारोबार में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम लागू करते हुए मनी चेंजर के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब फॉरेक्स बाजार तेजी से बदल रहा है और इसमें पारदर्शिता व निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। RBI का कहना है कि इन नए नियमों का मकसद सिस्टम को ज्यादा व्यवस्थित बनाना, सेवाओं को बेहतर करना और नियमों का पालन आसान करना है।

क्या हैं नए नियम?

RBI ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (अधिकृत व्यक्ति) विनियम, 2026 लागू किए हैं। इसके तहत अब विदेशी मुद्रा से जुड़े कारोबार के लिए सभी संस्थाओं को RBI से अनुमति लेना जरूरी होगा। इन नियमों का उद्देश्य फॉरेक्स सेवाओं को बेहतर बनाना और अनावश्यक कठनाई को कम करना है।

नए मनी चेंजर लाइसेंस पर रोक

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब नए फुल फ्लेज्ड मनी चेंजर (FFMC) लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। हालांकि, जो आवेदन पहले से प्रक्रिया में हैं, उन्हें पुराने नियमों के तहत ही देखा जाएगा।

तीन कैटेगरी में मिलेगा लाइसेंस

RBI ने रजिस्टर्ड डीलर्स को तीन कैटेगरी में बांटा है:

  • AD Category I: इसमें बैंक शामिल होंगे
  • AD Category II: NBFC और मौजूदा मनी चेंजर (जिनका टर्नओवर तय सीमा में है)
  • AD Category III: नई और इनोवेटिव सेवाएं देने वाली कंपनियां

इससे फॉरेक्स कारोबार को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

जो कंपनियां विदेशी मुद्रा कारोबार करना चाहती हैं, उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • कंपनी का रजिस्ट्रेशन Companies Act, 2013 के तहत होना जरूरी
  • तय न्यूनतम नेट वर्थ होना चाहिए
  • पिछले सालों में अच्छा कारोबार रिकॉर्ड होना चाहिए

क्यों लिया गया यह फैसला?

RBI का मानना है कि पुराने सिस्टम में कई खामियां थीं। नए नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी, फॉरेक्स सेवाएं बेहतर होंगी, नियमों का पालन आसान होगा और जोखिम व गड़बड़ियों पर नियंत्रण रहेगा।

प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल को बढ़ावा

RBI ने नए ढांचे में प्रिंसिपल-एजेंट मॉडल को भी बढ़ावा दिया है। इसका मतलब है कि बड़ी संस्थाएं छोटे एजेंट्स के जरिए सेवाएं दे सकेंगी, जिससे देश के दूर-दराज इलाकों में भी फॉरेक्स सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

क्या होगा असर?

इन बदलावों से फॉरेक्स बाजार में अनुशासन बढ़ेगा और अनियमित गतिविधियों पर रोक लगेगी। हालांकि, नए खिलाड़ियों के लिए एंट्री थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन इससे सिस्टम ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगा।

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