1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. सिंगापुर की अदालत ने Byju's के फाउंडर बायजू रवींद्रन को सुनाई 6 महीने जेल की सजा, जानें क्या है मामला

सिंगापुर की अदालत ने Byju's के फाउंडर बायजू रवींद्रन को सुनाई 6 महीने जेल की सजा, जानें क्या है मामला

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 27, 2026 01:47 pm IST,  Updated : May 27, 2026 01:47 pm IST

Byju's एक समय भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप्स में से एक था, लेकिन कोविड महामारी के बाद आई भारी मंदी के चलते ये कंपनी लगातार नई-नई मुसीबतों में फंसती चली गई।

Byju Raveendran, Byju's, singapore, singapore court, contempt of court, contempt of court case- India TV Hindi
बायजू रवींद्रन Image Source : HTTPS://X.COM/BYJUOFBYJUS

सिंगापुर की एक अदालत ने एडटेक कंपनी Byju's के फाउंडर बायजू रवींद्रन को अदालत की अवमानना ​​के आरोप में 6 महीने जेल की सजा सुनाई है। बायजू पर आरोप है कि उन्होंने जानकारी देने के अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया। हालांकि, उन्होंने इस फैसले को "प्रक्रियागत" बताया है, किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है और कहा है कि वो इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। बताते चलें कि इस सजा को बायजू के लिए अब तक का सबसे बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। 

नई-नई मुसीबतों ने बर्बाद कर दी कंपनी

Byju's एक समय भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप्स में से एक था, लेकिन कोविड महामारी के बाद आई भारी मंदी के चलते ये कंपनी लगातार नई-नई मुसीबतों में फंसती चली गई। Byju's का अपने ही निवेशकों के साथ विवाद शुरू हो गया, कर्ज से जुड़े मुकदमों और कामकाज में आई उथल-पुथल ने पूरी कंपनी को झकझोर दिया। 

90,000 सिंगापुरी डॉलर का कानूनी खर्च चुकाने के आदेश

सिंगापुर की अदालत ने रवींद्रन को आदेश दिया है कि वे अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करें, 90,000 सिंगापुरी डॉलर (70,500 अमेरिकी डॉलर) का कानूनी खर्च चुकाएं और Beeaar Investco Pte में अपनी हिस्सेदारी से जुड़े दस्तावेज पेश करें। बताते चलें कि Beeaar Investco Pte सिंगापुर की एक ऐसी कंपनी है, जिसके पास Byju's से जुड़ी एक अन्य कंपनी के शेयर हैं।

कर्ज देने वाली संस्थाएं कर रही हैं नुकसान की भरपाई की मांग

ये मामला कतर इंवेस्टमेंट अथॉरिटी की एक सहायक कंपनी ने दायर किया था। इस कंपनी ने बायजूस में तब निवेश किया था, जब कंपनी कर्मचारियों की छंटनी और बढ़ते वित्तीय दबाव से जूझ रही थी। अदालत की अवमानना ​​से जुड़ी ये कार्रवाई, कंपनी के इर्द-गिर्द चल रही व्यापक कानूनी लड़ाइयों में एक और कड़ी जुड़ गई है। इनमें अमेरिका में चल रहा वो मुकदमा भी शामिल है, जिसमें कर्ज देने वाली संस्थाएं 1.2 अरब डॉलर के 'टर्म लोन' से हुए नुकसान की भरपाई की मांग कर रही हैं।

GLAS Trust और QIA के साथ अंतिम दौर में है समझौते की बातचीत

अदालत के फैसले के बाद जारी एक बयान में रवींद्रन ने कहा कि GLAS Trust और QIA जैसी कर्ज देने वाली संस्थाओं और निवेशकों के साथ चल रही समझौते की बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने अदालत की इस ताजा कार्रवाई को "अनावश्यक रूप से मामले को बढ़ाना" बताया। 

एक समय पर 22 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी कंपनी की वैल्यूएशन

बताते चलें कि 'थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड' के तौर पर शुरू हुई Byju's, ऑनलाइन एजुकेशन में महामारी के दौर में आई तेजी के दौरान भारत के सबसे चर्चित टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में से एक बन गई थी। इसने दुनिया भर के निवेशकों का समर्थन हासिल किया और एक समय पर इसकी वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी, जिसके बाद इसकी ग्रोथ और फाइनेंस में भारी गिरावट आनी शुरू हो गई।

पीटीआई इनपुट्स के साथ

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा