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Stock Market में बड़ी गिरावट आने से निवेशकों के दो लाख करोड़ डूबे, Sensex 568 अंक और टूटा

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Jun 07, 2022 06:58 pm IST,  Updated : Jun 07, 2022 06:58 pm IST

सेंसेक्स में गिरावट के रुख के बीच बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,08,291.75 करोड़ रुपये घटकर 2,54,33,013.63 करोड़ रुपये रह गया।

Stock Market - India TV Hindi
Stock Market  Image Source : FILE

Highlights

  • 567.98 अंक टूटकर 55,107.34 अंक पर बंद हुआ सेंसेक्स
  • 153.20 अंक गिरकर 16,416.35 अंक के स्तर पर बंद हुआ निफ्टी
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारतीय बाजारों में बिकवाली जारी है

Stock Market में जोरदार बिकवाली के बीच निवेशकों को दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 567.98 अंक या 1.02 प्रतिशत टूटकर 55,107.34 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में गिरावट के रुख के बीच बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,08,291.75 करोड़ रुपये घटकर 2,54,33,013.63 करोड़ रुपये रह गया। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा से पहले निवेशक अभी देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहे है। रुपये की विनिमय दर में गिरावट और डॉलर के मजबूत होने के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारतीय बाजारों में बिकवाली जारी है।

शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट

कमजोर वैश्विक संकेतों के साथ भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा को लेकर निवेशकों के सतर्क रुख अख्तियार करने से घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और मानक सूचकांक सेंसेक्स 567.98 अंक लुढ़क गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के अंत में 567.98 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,107.34 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 792.91 अंक यानी 1.42 प्रतिशत तक टूट गया था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 153.20 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 16,416.35 अंक के स्तर पर बंद हुआ। 

निवेशकों को किनारे पर रहने के लिए मजबूर किया 

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में जारी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को मौद्रिक समीक्षा के पहले किनारे रहने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा, हालांकि बाजार रेपो दर और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि के लिए तैयार हो चुका है लेकिन इससे ज्यादा बढ़ोतरी होने की स्थिति में बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की इस समय द्विमासिक समीक्षा बैठक चल रही है और बुधवार को इसमें लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। 

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