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ECLGS 5.0 के तहत SBI देगा 80,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज, MSME समेत इन सेक्टरों को मिलेगा लाभ

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 08, 2026 07:52 am IST,  Updated : May 08, 2026 07:52 am IST

योजना के तहत एयरलाइंस क्षेत्र के लिए अलग से 5,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि बाकी राशि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और अन्य पात्र उधारकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।

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1.1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी उठा सकते हैं योजना का लाभ Image Source : PIXABAY

भारतीय स्टेट बैंक 'आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECLGS) 5.0' के तहत अपने ग्राहकों को 70,000-80,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज उपलब्ध करा सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने गुरुवार को ये जानकारी दी। शेट्टी ने कहा कि पात्र ग्राहकों की पहचान हो चुकी है और नए दिशानिर्देशों के अनुरूप ये ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित कारोबारों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। 

एयरलाइंस के लिए अलग से 5,000 करोड़ रुपये निर्धारित

योजना के तहत एयरलाइंस क्षेत्र के लिए अलग से 5,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि बाकी राशि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और अन्य पात्र उधारकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी। शेट्टी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर व्यापक है और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने ईसीएलजीएस 5.0 को एक सक्रिय कदम बताते हुए कहा कि भले ही सभी इकाइयां इसका उपयोग न करें, लेकिन जरूरत पड़ने पर ये सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए निदेशक मंडल की मंजूरी और डिजिटल प्रक्रियाओं का एकीकरण जैसे मुद्दे अगले 8-10 दिनों में सुलझ जाने की उम्मीद है। इसके लिए 'जन समर्थ' पोर्टल के जरिए प्रक्रियाओं को लागू किया जा रहा है। 

1.1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी उठा सकते हैं योजना का लाभ 

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का आकलन है कि बैंकिंग सिस्टम में 1.1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी इस योजना से संभावित रूप से लाभ उठा सकते हैं। शेट्टी ने कोविड-19 के दौरान शुरू की गई इस योजना के पिछले चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके तहत चूक की दर एमएसएमई क्षेत्र की औसत चूक दर से कम रही है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि योजना का आकार बैंकों के मौजूदा ऋण जोखिम और प्रभावित क्षेत्रों की संभावित मांग को ध्यान में रखकर तय किया गया है। उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत ऋण की अवधि 4 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है, जबकि एयरलाइंस के लिए इसे 7 साल रखा गया है।

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