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दिवाली पर भारी पड़ेगी महंगाई! जानें शहरी भारतीयों की क्या है सोच, इसको लेकर हैं सतर्क

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Sep 07, 2023 03:36 pm IST,  Updated : Sep 07, 2023 03:36 pm IST

बीते साल के मुकाबले इनकम और सेविंग में सुधार इस साल जरूर हुआ है। लोग सरवाइव करने के खर्च से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें खर्च में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

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शहरी भारतीय Image Source : REUTERS

देश में काफी समय से मुद्रास्फीति (inflation) की दर का रुख ऊपर की तरफ है। ऐसे में शहरों में रह रहे भारतीयों का दावा है कि दिवाली (Diwali) तो आने वाली है, लेकिन महंगाई के चलते वह गैर जरूरी खर्च को लेकर सतर्क हैं। उनका कहना है कि  पिछले तीन महीनों में उनका हर महीने का खर्च बढ़ गया है और इसे पूरा करना भी काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। देश के ज्यादातर शहरी भारतीय (करीब 52 प्रतिशत का ऐसा मानना है। आईएएनएस की खबर के मुताबिक, यूगॉव के दिवाली खर्च सूचकांक में ये बात कही गई है।

जीवन यापन की लागत में बढ़ोतरी की बड़ी वजह

खबर के मुताबिक, महंगाई के चलते जीवन यापन की लागत में बढ़ोतरी को इसका सबसे बड़ा कारण बताया गया (39 प्रतिशत ने कहा)। दूसरी वजहों से जीवन यापन की लागत में वृद्धि (30 प्रतिशत) हुई है। इस वजह से उनके खर्च करने का व्यवहार भी बदल चुका है. शहरों में रहे भारतीयों ने अगले कुछ महीनों (32 प्रतिशत) में बड़े खर्चों को रोकने का फैसला किया है या कैंसिल ही कर दिया है.गैर-जरूरी सामानों (31 प्रतिशत) पर खर्च को कम करने या कटौती करने के लिए कदम उठाए हैं। करीब 17 प्रतिशत लोगों ने बचत किए गए पैसों का इस्तेमाल किया है, जबकि बाकियों ने स्थिति को संभालने के लिए पैसे उधार लिए हैं या लोन लिया है।

इनकम और सेविंग में सुधार

रिपोर्ट के मुताबिक, बीते साल के मुकाबले इनकम और सेविंग में सुधार इस साल जरूर हुआ है। लोग सरवाइव करने के खर्च से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें खर्च में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। महंगाई (inflation) का कुछ निगेटिव असर आने वाले फेस्टिवल सीजन के चलते खुदरा विक्रेताओं और ब्रांडों पर पड़ना तय माना जा रहा है। यूगॉव इंडिया की महाप्रबंधक दीपा भाटिया ने कहा कि आंकड़े बता रहे हैं कि इस फेस्टिवल सीजन नें लोगों के खर्च करने के तरीके में बदलाव देखा जा सकता है। ब्रांड्स या मार्केटर को ऑफर और प्राइस पर गौर करना होगा।

खर्च करने ट्रेंड में मामूली बढ़ोतरी

ज्यादातर ब्रांड आने वाले फेस्टिवल सीजन की जोर-शोर से तैयारी कर रहे हैं। यूगॉव के दिवाली खर्च सूचकांक से शहरी भारतीयों के बीच 96.43 की खर्च करने के ट्रेंड का पता चलता है। साल 2020 से यूगॉव का दिवाली खर्च सूचकांक दिवाली के दौरान कंज्यूमर्स की खर्च करने के ट्रेंड पर नज़र रख रहा है। इस साल का डेटा पिछले साल (2022 में 94.45) की तुलना में खर्च करने ट्रेंड में मामूली बढ़ोतरी दर्शाता है, जो उपभोक्ताओं के बीच कुछ ऐसे ही उत्साह को दर्शाता है।

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