अडाणी एंटरप्राइजेज और अमेरिकी कंपनी जेबिल ने भारत में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े इक्विपमेंट बनाने के लिए जॉइंट वेंचर बनाने के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता किया है। इस जॉइंट वेंचर में दोनों कंपनियों की 50-50 हिस्सेदारी होगी। प्रस्तावित जॉइंट वेंचर में एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग इक्विमेंट्स के साथ पावर डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम, लिक्विड कूलिंग इक्विपमेंट और ट्रांसफॉर्मर की मैन्यूफैक्चरिंग और असेंबल किया जाएगा।
कई गीगावाट क्षमता वाला मैन्यूफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करना जॉइंट वेंचर का उद्देश्य
इस जॉइंट वेंचर का उद्देश्य कई गीगावाट क्षमता वाला मैन्यूफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जो भारत और ग्लोबल मार्केट के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करेगा। दोनों कंपनियों ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा कि ये समझौता अंतिम अनुबंधों, नियामकीय मंजूरियों और अन्य निर्धारित शर्तों पर निर्भर है। ये समझौता जून में भारत में एआई और डेटा सेंटर उपकरण के विनिर्माण का परिवेश तैयार करने की दोनों कंपनियों की घोषणा के बाद हुआ है।
भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान
समझौता ज्ञापन (MoU) में भारत में कई गीगावाट क्षमता वाला एआई इंफ्रा मैन्यूफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए जेबिल और अडाणी के बीच प्रस्तावित जॉइंट वेंचर की रूपरेखा तय की गई है। जॉइंट वेंचर का लक्ष्य भारत में तेजी से बढ़ती डेटा सेंटर की मांग को पूरा करना है। इंडस्ट्री के एक अनुमान के अनुसार, क्लाउड कंप्यूटिंग के विस्तार, एआई के बढ़ते इस्तेमाल और आंकड़ों को देश में ही रखने संबंधी जरूरतों के कारण भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
स्थापना के बाद दुनिया की प्रमुख एआई सेक्टर की कंपनियों को सर्विस देगा जॉइंट वेंचर
वहीं, बड़े पैमाने पर क्लाउड सर्विस देने वाली कंपनियों की डेटा सेंटर, क्लाउड और एआई सेक्टर में 50 अरब डॉलर से ज्यादा के निवेश की योजनाएं हैं। कंपनियों का अनुमान है कि एआई के लिए कंप्यूटिंग इंफ्रा में निवेश तेजी से बढ़ने के कारण अगले 7 सालों में ग्लोबल मार्केट में 3000 अरब डॉलर से ज्यादा के मौके उपलब्ध होंगे। स्थापित होने के बाद जॉइंट वेंचर दुनिया की प्रमुख एआई सेक्टर की कंपनियों को सर्विस देगा।
ग्रुप ने जताई 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता
इस जॉइंट वेंचर से अडाणी ग्रुप एनर्जी सप्लाई और डेटा सेंटर डेवलपमेंट से आगे बढ़कर एआई कंप्यूटिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाएगा। ग्रुप ने 2035 तक ग्रीन एनर्जी से चलने वाले 5 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर डेवलप करने के लिए 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
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