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दुनिया की सबसे सुरक्षित एयरलाइंस कौन सी है? क्या भारतीय कंपनियों का भी लिस्ट में है नाम?

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Jan 14, 2026 07:13 pm IST,  Updated : Jan 14, 2026 07:13 pm IST

इस साल की रैंकिंग में सुरक्षा का आकलन लंबे समय से अपनाए जा रहे मानकों के आधार पर किया गया है, जिनमें कुल उड़ानों के अनुपात में घटनाओं की संख्या, विमान बेड़े की औसत आयु, गंभीर घटनाएं, पायलट ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ऑडिटशामिल हैं।

टर्बुलेंस यानी उड़ान के दौरान झटके, यात्रियों को चोट लगने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। - India TV Hindi
टर्बुलेंस यानी उड़ान के दौरान झटके, यात्रियों को चोट लगने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। Image Source : PIXABAY

दुनिया की सबसे सुरक्षित एयरलाइंस की 2026 की रैंकिंग जारी कर दी गई है। एतिहाद एयरवेज फुल-सर्विस कैटेगरी में सबसे आगे है, जबकि HK एक्सप्रेस लो-कॉस्ट रैंकिंग में टॉप पर है। इस सूची में उन वैश्विक एयरलाइंस को जगह दी गई है, जो सुरक्षा मानकों, क्रू ट्रेनिंग और ऑपरेशनल अनुशासन में आगे हैं। यह रैंकिंग AirlineRatings.com द्वारा तैयार की गई है, जिसमें दुनियाभर की सैकड़ों एयरलाइंस की समीक्षा कर टॉप 25 फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट एयरलाइंस को चुना गया। इस साल किसी भी भारतीय एयरलाइन का नाम सूची में नहीं आया है। यह बदलाव पिछले साल से अलग है, जब इंडिगो लो-कॉस्ट कैटेगरी में 19वें स्थान पर थी।

रैंकिंग में इन बातों पर ज्यादा ध्यान दिया गया

2026 की रैंकिंग में खास तौर पर क्रू स्टैंडर्ड्स, ऑपरेशनल प्रैक्टिसेज़ और टर्बुलेंस प्रिवेंशन पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। उल्लेखनीय है कि टर्बुलेंस यानी उड़ान के दौरान झटके, यात्रियों को चोट लगने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, AirlineRatings की सीईओ शेरोन पीटरसन ने कहा कि दुनिया की सबसे सुरक्षित एयरलाइंस के बीच अंतर अब बहुत कम रह गया है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए।

उन्होंने कहा, इस साल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शीर्ष एयरलाइंस के बीच अंतर बेहद मामूली है। फुल-सर्विस कैटेगरी में पहले से 14वें स्थान तक केवल चार अंकों से भी कम का अंतर है, जबकि शीर्ष छह एयरलाइंस के बीच अंतर सिर्फ 1.3 अंक का है।

सभी एयरलाइंस एविएशन सेफ्टी में विश्व-स्तरीय

पीटरसन ने यह भी बताया कि पारंपरिक रैंकिंग अब कभी-कभी भ्रामक हो सकती हैं और एयरलाइंस को प्रदर्शन समूहों में बांटना वास्तविक स्थिति को बेहतर ढंग से दर्शा सकता है। टॉप 25 में शामिल सभी एयरलाइंस एविएशन सेफ्टी में विश्व-स्तरीय हैं। किसी एक एयरलाइन को दूसरी से अधिक या कम सुरक्षित कहना न सिर्फ़ सनसनीखेज़ है, बल्कि तथ्यात्मक रूप से भी गलत है। इस साल की रैंकिंग में सुरक्षा का आकलन लंबे समय से अपनाए जा रहे मानकों के आधार पर किया गया है, जिनमें कुल उड़ानों के अनुपात में घटनाओं की संख्या, विमान बेड़े की औसत आयु, गंभीर घटनाएं, पायलट ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ऑडिटशामिल हैं। एक अहम बदलाव यह है कि इस साल टर्बुलेंस प्रिवेंशन को अधिक महत्व दिया गया है, क्योंकि यह इन-फ्लाइट चोटों का प्रमुख कारण है।

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