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18 सितंबर को आ सकता है NSE का IPO, जानिए दलाल स्ट्रीट पर किस दिन होगी लिस्टिंग

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 08, 2026 10:56 pm IST,  Updated : Sep 08, 2026 10:56 pm IST

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) 18 सितंबर को आम निवेशकों के लिए खुल सकता है। सूत्रों के अनुसार, करीब ₹30,000 करोड़ का यह ऐतिहासिक आईपीओ भारतीय बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित होगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज...- India TV Hindi
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO आने वाला है Image Source : NSE OFFICIAL WEBSITE

भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए सितंबर का महीना बेहद खास होने वाला है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित IPO अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है। करीब एक दशक से इस IPO का इंतजार किया जा रहा है। अब सूत्रों के मुताबिक, NSE का IPO 18 सितंबर को आम निवेशकों के लिए खुल सकता है और 25 सितंबर को इसकी शेयर बाजार में लिस्टिंग हो सकती है।

प्राइस बैंड से लेकर लिस्टिंग तक, जानिए पूरा शेड्यूल

आईपीओ कैलेंडर को लेकर एनएससी (NSE) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से इसका संभावित शेड्यूल सामने आ चुका है:

  • प्राइस बैंड का ऐलान: 15 सितंबर को आईपीओ के प्राइस बैंड की घोषणा हो सकती है।
  • एंकर बुक: एंकर निवेशकों के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा।
  • पब्लिक सब्स्क्रिप्शन: आम निवेशकों के लिए आईपीओ 18 सितंबर को खुलेगा और 21 व 22 सितंबर तक बोली लगाने के लिए खुला रहेगा।
  • लिस्टिंग डेट: 25 सितंबर को NSE के शेयर दलाल स्ट्रीट पर लिस्ट हो सकते हैं।

यह टाइमलाइन इसलिए तय की गई है ताकि 26 सितंबर से शुरू हो रहे 16 दिनों के पितृ पक्ष से पहले NSE के शेयरों की बाजार में धमाकेदार शुरुआत हो सके।

100% ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा यह इश्यू

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मेगा इश्यू के तहत 1 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 14.89 करोड़ (148.9 मिलियन) इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। यह एनएसई की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का करीब 6 फीसदी हिस्सा है। यह पूरा आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वाले निवेशकों को जाएगी और एक्सचेंज को इसमें से कोई राशि नहीं मिलेगी।

SEBI से मिली हरी झंडी के बाद बढ़ी हलचल

एनएसई का यह आईपीओ पिछले 10 सालों से अटका हुआ था। इसी महीने बाजार नियामक सेबी (SEBI) से जरूरी रेगुलेटरी क्लीयरेंस मिलने के बाद इसके लिस्टिंग का रास्ता साफ हुआ है। ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जो देश के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 का संचालन करता है। इसके साथ ही यह ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव्स एक्सचेंज भी है। यही वजह है कि इसके आईपीओ को लेकर रिटेल निवेशकों और बड़े इंस्टीट्यूशनल बायर्स के बीच जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है।

इनपुट- PTI

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