आईपीओ से कमाई का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए गुड न्यूज है। आपके लिए एक और ऑप्शन तैयार है। सोने के आभूषणों के निर्माण में माहिर शांति गोल्ड इंटरनेशनल ने मंगलवार को अपने आगामी ₹360 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए ₹189 से ₹199 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, कंपनी ने बताया कि यह आईपीओ 25 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 29 जुलाई को बंद होगा।
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पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा
खबर के मुताबिक, यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा, जिसमें 1.81 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹199 के मुताबिक, यह इश्यू ₹360.11 करोड़ का होगा। आईपीओ से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी जयपुर में एक नई निर्माण यूनिट की स्थापना, कार्यशील पूंजी की जरूरतों, कर्ज के भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए करेगी।
कंपनी पर एक नजर
मुंबई आधारित शांति गोल्ड इंटरनेशनल विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषणों के डिज़ाइन और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। मौजूदा समय में कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता 2,700 किलोग्राम है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 55.52% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,106.41 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में ₹711.43 करोड़ था। वहीं, शुद्ध लाभ बढ़कर ₹56 करोड़ हो गया, जो पिछली वित्तीय वर्ष में ₹27 करोड़ था।
शांति गोल्ड इंटरनेशनल लिमिटेड ने बताया कि आईपीओ का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व है, 35% रिटेल निवेशकों के लिए और बाकी 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रखा गया है। इस आईपीओ के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स को एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।
कितना चल रहा है GMP
शांति गोल्ड इंटरनेशनल के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) मंगलवार को ₹0 रहा। यानी कंपनी के शेयर ग्रेस मार्केट में ₹199 के इश्यू प्राइस पर ही ट्रेड कर रहे हैं, न तो इसमें कोई प्रीमियम है और न ही कोई डिस्काउंट। यह जानकारी Investorgain.com द्वारा दी गई। ग्रे मार्केट प्रीमियम यह दर्शाता है कि निवेशक इश्यू प्राइस से अधिक भुगतान करने के लिए कितने इच्छुक हैं। अगर जीएमपी ज्यादा होता है, तो इसका संकेत होता है कि आईपीओ में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी है। वहीं, ₹0 का जीएमपी यह दर्शाता है कि वर्तमान में बाजार में शेयर की मांग सीमित है या निवेशक सतर्क हैं।