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1405 टन वजन और 100 मीटर लंबाई, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए महाराष्ट्र में लॉन्च हुआ पहला स्टील ब्रिज

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 28, 2026 05:33 pm IST,  Updated : Sep 28, 2026 05:33 pm IST

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में नासिक हाईवे के ऊपर 100 मीटर लंबा स्टील ब्रिज लॉन्च किया गया है। इस ब्रिज का वजन करीब 1,405 टन है और यह महाराष्ट्र में इस प्रोजेक्ट के लिए पूरा किया गया पहला स्टील ब्रिज है।

बुलेट ट्रेन का पहला...- India TV Hindi
बुलेट ट्रेन का पहला स्टील ब्रिज Image Source : PIB

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। महाराष्ट्र में इस कॉरिडोर के लिए पहला स्टील ब्रिज लॉन्च किया गया है। 100 मीटर लंबे और करीब 1,405 टन वजनी इस विशाल पुल को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी स्थित डाइव-अंजुर गांव में NH-3 यानी नासिक हाईवे के ऊपर बनाया गया है। खास बात यह है कि इस पुल को करीब 1300 किलोमीटर दूर तमिलनाडु के त्रिची में तैयार किया गया और फिर इसे महाराष्ट्र पहुंचाकर साइट पर असेंबल किया गया।

यह स्टील ब्रिज 100 मीटर लंबा, 14 मीटर चौड़ा और 14 मीटर ऊंचा है। इसे हाईवे के ऊपर इस तरह लगाया गया है कि नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक पर कम से कम असर पड़े। ब्रिज के निर्माण में करीब 54,076 टोर-शियर प्रकार के उच्च क्षमता वाले बोल्ट का इस्तेमाल किया गया है। ब्रिज को जमीन से लगभग 17.5 मीटर की ऊंचाई पर अस्थायी ट्रेस्टल पर असेंबल किया गया। इसके लिए 22 स्किड अरेंजमेंट का इस्तेमाल किया गया। पुल को अपनी अंतिम स्थिति में पहुंचाने के लिए ऑटोमैटिक मैकेनिज्म लगाया गया, जिसमें 150-150 टन क्षमता वाले दो हॉलो जैक और प्री-टेंशन किए गए मैकैलॉय बार्स का इस्तेमाल हुआ।

त्रिची में तैयार हुआ, महाराष्ट्र में किया गया लॉन्च

इस ब्रिज की खासियत सिर्फ इसका आकार और वजन नहीं है। इसे त्रिची की एक वर्कशॉप में तैयार किया गया था। निर्माण के बाद इसे ट्रेलरों के जरिए करीब 1300 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र लाया गया और फिर मौके पर जोड़कर स्थापित किया गया। ब्रिज के निर्माण में सटीक कटिंग, ड्रिलिंग, वेल्डिंग और पेंटिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। इस्तेमाल किए गए स्टील के हर बैच की अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग (UT) की गई। काम में शामिल वेल्डर्स और सुपरवाइजर्स भी इंटरनेशनल वेल्डिंग एक्सपर्ट्स से प्रमाणित थे।

रात में किया गया पुल लॉन्च

हाईवे पर यातायात को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए ब्रिज को अपनी जगह पर स्थापित करने का काम रात में ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान किया गया। पूरी प्रक्रिया की पहले से योजना बनाकर सटीक तरीके से इसे पूरा किया गया। ब्रिज में C5 प्रोटेक्टिव पेंटिंग सिस्टम और इलास्टोमेरिक बेयरिंग भी लगाए गए हैं। इनका उद्देश्य पुल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और कंपन को कंट्रोल करने में मदद करना है।

28 में से 16 स्टील ब्रिज पूरे

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कुल 28 स्टील ब्रिज बनाए जाने हैं। इनमें से 16 स्टील ब्रिज का काम पूरा हो चुका है। ऐसे ब्रिज हाईवे, एक्सप्रेसवे, बड़ी नदियों और रेलवे लाइनों जैसी जगहों को पार करने के लिए उपयोगी होते हैं, जहां लंबे स्पैन की जरूरत होती है।

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