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विदेशी निवेशकों के बीच फिर बढ़ा भारतीय शेयर बाजार का आकर्षण, नवंबर में निवेश किए इतने करोड़

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Nov 26, 2023 03:44 pm IST,  Updated : Nov 26, 2023 03:44 pm IST

अमेरिका में मुद्रास्फीति में उम्मीद से बेहतर गिरावट ने बाजार को यह मानने का विश्वास दिला दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसके परिणाम स्वरूप अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी से गिरावट आई है और 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड प्रतिफल अक्टूबर मध्य में पांच प्रतिशत से घटकर अब 4.40 प्रतिशत हो गया।

FPI- India TV Hindi
एफपीआई Image Source : FILE

विदेशी निवेशकों के बीच एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार को लेकर आकर्षण बढ़ा है। इसका प्रमाण नवंबर के निवेश डेटा से मिला है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने नवंबर में भारतीय शेयरों में 378 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। इसका मुख्य कारण अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट है। आपको बता दें कि नवंबर से हपले दो महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकाले थे। आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने अक्टूबर में 24,548 करोड़ रुपये और सितंबर में 14,767 करोड़ रुपये मूल्य की भारतीय इक्विटी की बिकवाली की थी। इससे पहले एफपीआई मार्च से अगस्त तक पिछले छह महीनों में लगातार भारतीय शेयर खरीद रहे थे। इस अवधि में 1.74 लाख करोड़ रुपये की खरीद हुई। कुल मिलाकर 2023 के लिए संचयी रुझान अच्छा बना हुआ है। इस वित्त वर्ष में अभी तक एफपीआई ने 96,340 करोड़ रुपये का निवेश किया है। 

भारत में निवेश बढ़ा सकते हैं एफपीआई 

यस सिक्योरिटीज इंडिया में इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज रिसर्च के रणनीतिकार हितेश जैन ने कहा कि हमारा मानना है कि आने वाले समय में ईएम (उभरते बाजारों) में जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार तथा अमेरिका में जोखिम-मुक्त प्रतिफल में गिरावट से एफपीआई भारत की ओर आकर्षित होंगे। आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने इस महीने (24 नवंबर तक) भारतीय शेयरों में 378.2 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। विदेशी निवेशक इस महीने चार दिन लिवाल रहे और शुक्रवार को 2,625 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि अक्टूबर के मध्य में अमेरिका में मुद्रास्फीति में उम्मीद से बेहतर गिरावट ने बाजार को यह मानने का विश्वास दिला दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसके परिणाम स्वरूप अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी से गिरावट आई है और 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड प्रतिफल अक्टूबर मध्य में पांच प्रतिशत से घटकर अब 4.40 प्रतिशत हो गया।

सितंबर में बिकवाली की सिलसिला शुरू किया था

मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के सह निदेशक एवं शोध प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक कारक भारत के शेयर बाजारों में विदेशी निवेश की दिशा तय कर रहे हैं। सितंबर में एफपीआई ने बिकवाली की सिलसिला शुरू किया था। इसके पीछे अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, बॉन्ड प्रतिफल में तेजी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और इजराइल-हमास संघर्ष से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की अहम भूमिका रही थी। इस साल अब तक अक्टूबर में घरेलू इक्विटी बाजार में एफपीआई का कुल निवेश 6,381 करोड़ रुपये और ऋण बाजार में 12,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। 

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