केंद्र सरकार बिक्री पेशकश (OFS) के माध्यम से कोल इंडिया में अपनी 2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचेगी। ये बिक्री आज यानी बुधवार से शुरू होने जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कोल इंडिया में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 12.32 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। सरकार ने इस बिक्री के लिए 412 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया है। मंगलवार को बीएसई पर कोल इंडिया के शेयर 458.25 रुपये पर बंद हुए थे, जो सोमवार के भाव की तुलना में 0.25 प्रतिशत ज्यादा है। बिक्री पेशकश के तहत 412 रुपये का न्यूनतम मूल्य मौजूदा बाजार मूल्य से 10 प्रतिशत कम है। यानी निवेशकों के पास 10 प्रतिशत के डिस्काउंट पर कोल इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने का शानदार मौका होगा।
सरकारी खजाने में आएंगे 5000 करोड़ रुपये
कोल इंडिया में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने से सरकारी खजाने में लगभग 5,000 करोड़ रुपये आएंगे। बिक्री पेशकश गैर-खुदरा निवेशकों के लिए 27 मई को और खुदरा निवेशकों के लिए 29 मई को खुलेगी। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''भारत सरकार कोल इंडिया लिमिटेड में बिक्री पेशकश की घोषणा करती है। इसमें आधार पेशकश कंपनी के इक्विटी शेयर का 1 प्रतिशत है। इसमें 'ग्रीन शू' विकल्प यानी ज्यादा अभिदान आने की स्थिति में 1 प्रतिशत अतिरिक्त बोली रखने का विकल्प रखा गया है।''
पिछले हफ्ते सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में बेची गई थी 8.08 प्रतिशत हिस्सेदारी
अरुणिश चावला ने कहा कि कोल इंडिया मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन, लगातार मुनाफे और आकर्षक डिविडेंड के साथ दीर्घकालिक निवेश का एक आकर्षक अवसर प्रदान करती है। चालू वित्त वर्ष में कोल इंडिया की बिक्री पेशकश किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का दूसरा ओएफएस है। पिछले हफ्ते, सरकार ने ओएफएस के माध्यम से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विनिवेश और परिसंपत्ति मौद्रीकरण यानी परिसंपत्तियों को बाजार पर चढ़ाकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। ये वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 33,837 करोड़ रुपये से दोगुना से भी ज्यादा है।