लगातार छह सत्रों की तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में दबाव के चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में खुले। पीटीआई की खबर के मुताबिक, बीएसई सेंसेक्स में 262.05 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 81,738.66 पर आ गया। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 81.55 अंक टूटकर 25,002.20 पर कारोबार करता दिखा।
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टॉप लूजर और टॉप गेनर स्टॉक्स
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, टीसीएस और एनटीपीसी जैसे शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी ओर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और एलएंडटी के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
मार्केट एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ्स से बाजार में दबाव बना रहेगा, जिससे हालिया तेजी को थमना पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के जैक्सन होल सिम्पोजियम पर है, जहां फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बयान पर सबकी निगाहें टिकी हैं। गुरुवार तक बाजार में छह दिनों की तेजी में सेंसेक्स 1,765 अंक या 2.14% चढ़ा था, जबकि निफ्टी में 596 अंकों या 2.4% की बढ़त दर्ज की गई थी।
एशियाई मार्केट में कैसा है रुख
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को मिश्रित रुख देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का निक्केई 225 गिरावट में रहा। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को नुकसान के साथ बंद हुए। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1,246.51 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। तेल की कीमतों में भी मामूली गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड 0.18% टूटकर 67.56 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बता दें, गुरुवार को सेंसेक्स 142.87 अंक या 0.17% की तेजी के साथ 82,000.71 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 33.20 अंक या 0.13% बढ़कर 25,083.75 पर बंद हुआ।