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तेल की बढ़ती कीमतों ने डुबोया शेयर बाजार! सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट, जानिए किन शेयरों में आई ज्यादा बिकवाली?

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jul 23, 2026 04:01 pm IST,  Updated : Jul 23, 2026 04:01 pm IST

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 363.66 अंक टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 126.65 अंक गिरकर 23,869.60 पर आ गया।

लगतार चौथे दिन गिरावट...- India TV Hindi
लगतार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ भारतीय शेयर बाजार Image Source : CANVA

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी बाजार लगातार चौथे कारोबारी सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 363.66 अंक गिरकर 76,391.39 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 126.65 अंक टूटकर 23,869.60 पर आ गया। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा रहा कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से काफी अधिक रही।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई?

निफ्टी के सबसे कमजोर शेयरों में अडानी एंटरप्राइजेज, श्रीराम फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, अडानी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर बजाज ऑटो, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस और आयशर मोटर्स जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।

इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा और करीब 1.8 फीसदी टूट गया। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर, पीएसयू बैंक और एनर्जी इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। मेटल, फार्मा, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी कमजोरी के साथ बंद हुए। हालांकि ऑटो सेक्टर ने राहत दी और निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 0.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

क्यों टूटा शेयर बाजार?

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रही। ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई और आयात बिल बढ़ने की चिंता गहरा गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सऊदी तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने एक बार फिर बिकवाली की और करीब 819 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। वहीं एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाया।

आगे क्या देख रहे हैं निवेशक?

जब तक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।

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