ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले-जुले संकेतों और क्रूड ऑयल की कीमतों में आई तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार (23 जुलाई) को भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भारतीय बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 356.65 अंक टूटकर 76,398.40 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 108.50 अंक की गिरावट के साथ 23,887.75 पर खुला। बाजार में बिकवाली का दबाव साफ देखने को मिला, जहां करीब 1303 शेयरों में गिरावट रही, जबकि केवल 887 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई और 137 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए।
किन शेयरों में दिखा भारी दबाव
बाजार खुलते ही आईटी और फार्मा शेयरों में बिकवाली का दौर देखने को मिला। निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, इंटरग्लोब एविएशन, इन्फोसिस, टाटा स्टील और सिप्ला सबसे आगे रहे। सेंसेक्स के हीट मैप में साफ देखा जा सकता है कि टीसीएस, इंफोसिस, एक्सिस बैंक, एसबीआई और टाटा स्टील के शेयरों में भी आधा से एक फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई।

इन कंपनियों में दिखी खरीदारी
बाजार में चौतरफा बिकवाली के माहौल के बीच भी कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी पर इटरनल, टाटा कंज्यूमर, ओएनजीसी, बजाज ऑटो और कोल इंडिया के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा और ट्रेंट में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई।
कच्चे तेल में उबाल बनी बाजार की सबसे बड़ी चिंता
भारतीय बाजार पर दबाव की मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2% की तेजी के साथ $96 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो कि पिछले छह हफ्तों का उच्चतम स्तर है। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.7% चढ़कर $88.27 प्रति बैरल पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई नई कार्रवाई और लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद सप्लाई बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल के दाम भड़के हैं, जिसने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया है।
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