नई दिल्ली। देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अगले चार साल में 30 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा। टीमलीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) के क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचे में निवेश की वजह से इस क्षेत्र में नौकरियां बढ़ेंगी। टीमलीज की रिपोर्ट ‘भारतीय लॉजिस्टिक्स क्रांति - बड़ा दांव, बड़ी नौकरियों’ में कहा गया है कि सात उप क्षेत्रों सड़क ढुलाई, रेल ढुलाई, भंडारण, जलमार्ग, विमान ढुलाई, पैकेजिंग और कूरियर सेवाओं में 30 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।
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इससे 2022 तक इस क्षेत्र में रोजगार का आंकड़ा बढ़कर 1.39 करोड़ पर पहुंच जाएगा, जो अभी 1.09 करोड़ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क ढुलाई क्षेत्र में 18.9 लाख अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं रेल ढुलाई उपक्षेत्र में 40,000, विमान ढुलाई क्षेत्र में 4,00,000 अतिरिक्त रोजगार और जलमार्ग क्षेत्र में 4,50,000 अतिरिक्त रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र की वृद्धि में प्रमुख भूमिका 6 लाख करोड़ रुपए के सार्वजनिक निवेश, 2017 में क्षेत्र को दिया गया बुनियादी ढांचा क्षेत्र का दर्जा और जीएसटी क्रियान्वयन की होगी।
रिपोर्ट कहती है कि सड़क ढुलाई क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार के अवसर मुंबई, दिल्ली - एनसीआर और अहमदाबाद में उपलब्ध होंगे। वहीं इलाहाबाद, अहमदाबाद, चेन्नई और गुवाहाटी में सबसे अधिक जलमार्ग क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे।