केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लंबे समय से 8वें वेतन आयोग का इंतजार है। हालांकि अभी तक सरकार ने इसके लागू होने की आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लाखों पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि इस बार 8वें वेतन आयोग में सिर्फ वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग पेंशनभोगियों को ज्यादा आर्थिक सुरक्षा देने पर भी जोर दिया जा सकता है।
नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार को एक नया एज-बेस्ड पेंशन फॉर्मूला सुझाया है। इस प्रस्ताव के तहत उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की जाएगी। प्रस्ताव के मुताबिक 65 वर्ष की उम्र पूरी होने पर पेंशन में अतिरिक्त बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। इसके बाद हर पांच साल में पेंशन बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। 80 वर्ष की आयु तक पहुंचने पर पेंशन में बड़ा इजाफा हो सकता है, जबकि 90 वर्ष की उम्र पार करने वाले पेंशनभोगियों को उनकी अंतिम सैलरी के बराबर यानी 100 फीसदी पेंशन देने का प्रस्ताव रखा गया है।
क्यों जरूरी माना जा रहा है यह बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों के स्वास्थ्य संबंधी खर्च तेजी से बढ़ जाते हैं। दवाइयों, इलाज और देखभाल पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है। ऐसे में उम्र के हिसाब से पेंशन बढ़ाने का यह फॉर्मूला वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक राहत दे सकता है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये प्रतिमाह है। लेकिन 8वें वेतन आयोग में नए फिटमेंट फैक्टर को लागू किए जाने की संभावना है। यदि सरकार 2.28 का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार करती है तो न्यूनतम पेंशन बढ़कर करीब 20,500 रुपये तक पहुंच सकती है। अगर फिटमेंट फैक्टर इससे ज्यादा रखा गया, तो पेंशन में और बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
केंद्र सरकार आमतौर पर हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू करती है। 7वां वेतन आयोग वर्ष 2016 में लागू हुआ था, इसलिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग के लाभ जल्द मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि अगले वर्ष से संशोधित वेतन और पेंशन का लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।