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बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी! जमा रकम की बीमा राशि ₹5 लाख से बढ़कर हो सकती है ₹7.5 लाख

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Jun 15, 2026 12:21 pm IST,  Updated : Jun 15, 2026 12:21 pm IST

बैंक में जमा अपनी मेहनत की कमाई को लेकर करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आ सकती है। केंद्र सरकार बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बैंक में जमा रकम पर मिलने वाला बीमा कवर बढ़कर 7.5 लाख रुपये हो सकता है।

बैंक में जमा रकम की...- India TV Hindi
बैंक में जमा रकम की बीमा राशि में हो सकती है बढ़ोतरी Image Source : CANVA

बैंक में पैसा जमा करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार बैंक जमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। खबर है कि सरकार बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस की सीमा को मौजूदा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹7.5 लाख करने पर विचार कर रही है। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेज दिया है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो बैंक ग्राहकों को पहले से अधिक सुरक्षा मिलेगी।

क्या होता है जमा बीमा?

भारत में बैंक जमा की सुरक्षा का जिम्मा रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के पास होता है। यदि किसी बैंक का लाइसेंस रद्द हो जाता है या बैंक बंद हो जाता है, तो DICGC जमाकर्ताओं को तय सीमा तक उनकी रकम वापस दिलाने की जिम्मेदारी निभाता है। मौजूदा नियमों के अनुसार किसी एक बैंक में जमा बचत खाता, चालू खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) समेत कुल राशि पर अधिकतम ₹5 लाख तक का बीमा कवर मिलता है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं।

2020 के बाद पहली बार बढ़ सकती है सीमा

फरवरी 2020 में सरकार ने जमा बीमा की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की थी। उस समय कई सहकारी बैंकों और यस बैंक जैसे मामलों के बाद जमाकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब एक बार फिर सरकार इस सीमा को बढ़ाकर ₹7.5 लाख करने पर विचार कर रही है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

सरकार और नियामकों का मानना है कि छोटे और मध्यम वर्ग के जमाकर्ताओं का भरोसा बनाए रखना फाइनेंशियल सिस्टम की मजबूती के लिए जरूरी है। हाल के वर्षों में कई सहकारी बैंकों पर कार्रवाई हुई है, जिसके बाद DICGC को ग्राहकों के दावों का भुगतान करना पड़ा। यदि बीमा सीमा बढ़ती है तो बैंक विफल होने की स्थिति में ग्राहकों को ₹2.5 लाख तक अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा वरिष्ठ नागरिकों, एफडी निवेशकों और मध्यम वर्गीय परिवारों को होगा।

जोखिम के आधार पर तय होगा प्रीमियम

अब सभी बैंकों से जमा बीमा के लिए एक जैसी फीस नहीं ली जाएगी। जिस बैंक की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जो अपने जोखिम को अच्छी तरह संभालता होगा, उसे कम प्रीमियम देना पड़ेगा। वहीं, जिन बैंकों की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी या जिनमें जोखिम ज्यादा होगा, उनसे अधिक प्रीमियम वसूला जाएगा। इससे बैंकों को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत रखने और ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

DICGC के पास कितना है फंड?

31 मार्च 2026 तक DICGC के जमा बीमा कोष का आकार 2.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 में संस्था ने 1,988 करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया। इससे साफ है कि जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संस्था के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन मौजूद हैं।

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