Indian Railways Ticket Cancellation Refund Rules: बुधवार, 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। आज से नियमों में होने जा रहे बदलावों का देश के आम नागरिकों पर सीधा असर पड़ेगा। भारतीय रेल ने भी टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव कर दिया है। 1 अप्रैल, 2026 से, देश के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड के नियम बदल गए हैं। आइए जानते हैं कि रेलवे के नए नियम से आम यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा।
जरा-सी लापरवाही और देरी की वजह से हो सकता है भारी नुकसान
1 अप्रैल, 2026 से टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड के नए नियम लागू हो जाएंगे। नए नियमों के तहत, अब यात्रियों को ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करनी होगी। अगर, टिकट कैंसिल करने में कोई यात्री लापरवाही करता है या देरी करता है तो उसका भारी नुकसान होना तय है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अभी हाल ही में नए नियमों के बारे में बताते हुए कहा था कि अगर कोई यात्री ट्रेन के डिपार्चर टाइम से कम-से-कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल नहीं करता है तो उसे एक भी रुपये का रिफंड नहीं मिलेगा। यानी, अब आपने बेशक अपने पूरे परिवार के लिए अपर क्लास में टिकट बुक कराई हो, अगर आपने 8 घंटे से पहले टिकट बुक नहीं किया तो आपको एक भी रुपये का रिफंड नहीं मिलेगा। बताते चलें कि टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड के पुराने नियमों के तहत, यात्रियों को रिफंड के लिए ट्रेन के डिपार्चर टाइम से कम-से-कम 4 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होता था।
नए नियमों में आपके लिए और क्या-क्या है
नए नियमों के तहत, अगर आपने ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8-24 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो 50 प्रतिशत रिफंड मिलेगा और 50 प्रतिशत काट लिए जाएंगे। अगर किसी रेल यात्री ने ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 24-72 घंटे पहले टिकट कैंसिल किया तो उसे 75 प्रतिशत रिफंड मिलेगा और 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा। इसी तरह, अगर कोई यात्री ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 72 घंटे से ज्यादा समय पहले टिकट कैंसिल किया तो उसे 100 प्रतिशत रिफंड मिलेगा और कोई कटौती नहीं होगी। ध्यान रहे कि रिफंड के मामले में आपको पहले की तरह ही कैंसिलेशन चार्ज का भुगतान करना होगा।