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टोल टैक्स देने के लिए रुकने की नहीं पड़ेगी जरूरत, बैरियर-फ्री हुआ दिल्ली का ये टोल प्लाजा

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : May 12, 2026 07:39 am IST,  Updated : May 12, 2026 07:39 am IST

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस नए सिस्टम की शुरुआत से परिचालन लागत घटेगी और भविष्य में करीब 285 करोड़ रुपये का ईंधन बचने के साथ 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।

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सितंबर 2026 तक 9 राज्यों में 17 टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने का लक्ष्य Image Source : HTTPS://X.COM/NITIN_GADKARI

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि देशभर में नए बैरियर-फ्री टोल सिस्टम के लागू होने से हाईवे पर बिना रुके यात्रा संभव हो सकेगी और टोल प्लाजा के ऑपरेशन पर सरकार को सालाना करीब 6,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। गडकरी ने दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम की शुरुआत करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के जरिए गाड़ियां AI आधारित कैमरों की मदद से 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरते हुए भी टोल चुका सकेंगे, जिससे उन्हें लाइन में रुक कर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 

नए सिस्टम से बचेगा 285 करोड़ रुपये का फ्यूल

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस नए सिस्टम की शुरुआत से परिचालन लागत भी घटेगी और भविष्य में करीब 285 करोड़ रुपये का पेट्रोल, डीजल, सीएनजी बचने के साथ 81,000 टन कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। ये एडवांस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम गाड़ियों को बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा देती है। इसमें 'ऑटोमेटिक नंबर प्लेट' पहचान और 'फास्टैग' जैसी एडवांड्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। इस पहल का मकसद टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइनों और देरी को कम करना, ईंधन की बचत करना, यात्रा का समय घटाना और बेहतर 'ड्राइविंग' अनुभव प्रदान करना है।

बिना रुके कैसे संभव होगा टोल का भुगतान 

देश में MLFF बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम वाला ये दूसरा टोल प्लाजा है। इससे पहले 1 मई को गुजरात में चोर्यासी टोल प्लाजा पर इस तरह का सिस्टम शुरू किया गया था। गडकरी ने इस सिस्टम के तहत लेन-देन की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि 'भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण' (NHAI) ग्राहकों के फास्टैग से पार्टनर बैंक द्वारा काटे गए यूजर टोल को प्राप्त करेगी। अगर किसी गाड़ी का फास्टैग काम नहीं करता है या उसमें बैलेंस कम होता है, तो उसे ई-नोटिस मिलेगा और ऐसे में उसे 72 घंटे के भीतर टोल का भुगतान करना होगा। 

सितंबर 2026 तक 9 राज्यों में 17 टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने का लक्ष्य

NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर इस MLFF सिस्टम को और व्यापक रूप से लागू करने की योजना है। यादव ने कहा कि देशव्यापी विस्तार योजना के तहत 9 राज्यों के 17 टोल प्लाजा शामिल किए गए हैं। इन्हें सितंबर, 2026 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लिस्ट में गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और असम जैसे राज्य शामिल हैं। इसके बाद दूसरे चरण में मार्च, 2027 तक 108 से ज्यादा टोल प्लाजा को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचएआई देशभर में अलग-अलग जगहों पर पर करीब 1,100 टोल प्लाजा का संचालन करती है।

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