केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को अब तक 31,555 केंद्रीय कर्मचारियों ने अपना लिया है। यह योजना राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत एक वैकल्पिक स्कीम है, जो कर्मचारियों को गारंटीड पेंशन लाभ देने का विकल्प देती है। सरकार ने यह जानकारी 28 जुलाई को संसद में दी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि 20 जुलाई 2025 तक UPS के तहत 7,253 क्लेम दर्ज हुए, जिनमें से 4,978 क्लेम्स का भुगतान किया जा चुका है।
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30 सितंबर तक यूपीएस का विकल्प
कर्मचारी संगठनों की मांग पर सरकार ने यूपीएस में आवेदन की अंतिम तारीख को तीन महीने बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दिया है। यह स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू की गई है। यूपीएस के तहत 25,756 रिटायर्ड कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसमें वे कर्मचारी शामिल हैं जो 31 मार्च 2025 तक सेवानिवृत्त, मृत या नियम FR 56(j) के तहत रिटायर किए गए हैं। शर्त यह है कि उन्होंने कम से कम 10 साल की सेवा पूरी की हो और एनपीएस के तहत कवर हों।
ग्रैच्युटी और असाधारण पेंशन का भी मिलेगा लाभ
यूपीएस चुनने वाले कर्मचारी अब रिटायरमेंट ग्रैच्युटी और डेथ ग्रैच्युटी के हकदार होंगे। इसके अलावा, सेवा के दौरान मृत्यु, विकलांगता या असमर्थता की स्थिति में उन्हें सीसीएस (पेंशन) नियम 2021 या सीसीएस (असाधारण पेंशन) नियम 2023 के तहत भी लाभ मिलेगा। यूपीएस में शामिल कर्मचारियों को आयकर अधिनियम 1961 के तहत वही टैक्स लाभ मिलेंगे जो NPS में दिए जाते हैं। सरकार ने साफ किया कि फिलहाल यूपीएस जैसे लाभों को अन्य पेंशन योजनाओं या निजी क्षेत्र तक बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।