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CBDT ने जारी की अधिसूचना, Income tax return फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 31, 2020 01:50 pm IST,  Updated : Oct 31, 2020 01:50 pm IST

कोविड-19 के दौर में करदाताओं को राहत देने के लिए सरकार मई के बाद से बार-बार आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे खिसका रही है।

Income tax return filing deadline for FY20 extended till Dec 31- India TV Hindi
Income tax return filing deadline for FY20 extended till Dec 31 Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्‍ली। सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2020 किए जाने की अधिसूचना शुक्रवार को जारी कर दी। अधिसूचना के मुताबिक व्यक्तिगत आयकरदाता 31 दिसंबर तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। वहीं जो लोग ऑडिट कराने के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं उनके लिए इसकी आखिरी तारीख 31 जनवरी 2021 होगी। नांगिया एंडरसन एलएलपी में सहायक संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि सरकार ने आयकर रिटर्न और ऑडिट रपट दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। लेकिन अभी इस बात को लेकर अस्पष्टता है कि क्या यह छूट उन कॉरपोरेट करदाताओं के लिए भी उपलब्ध है जिनके कर का ऑडिट होता है।

कोविड-19 के दौर में करदाताओं को राहत देने के लिए सरकार मई के बाद से बार-बार आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे खिसका रही है। पहले सरकार ने इसे 31 जुलाई, फिर 30 नवंबर तक बढ़ाया था।

उत्पादन आधारित प्रोत्साहन कुछ और क्षेत्रों में भी होगी लागू

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए अन्य क्षेत्रों के लिए भी उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाएगी। उद्योग मंडल फिक्की के वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमार ने यह भी कहा कि सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-वाहन) को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। कुमार ने कहा कि सड़कों पर 85 प्रतिशत वाहन दो-पहिया और तीन-पहिया हैं। हम आने वाले समय में इन्हें ई-वाहनों में तब्दील करना चाहते हैं। हमने दुपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए चार्जिंग को लेकर मानकों को अंतिम रूप दे दिया है।

निवेशकों के लिए अवसर और सुविधाओं के बारे में कुमार ने कहा कि हम एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आकर्षित करते समय अपना भरोसा उन इकाइयों में दिखाएंगे जिन्होंने पहले से ही भारत में निवेश कर रखा है। हम वैसे निवेशकों को और बेहतर लॉजिस्टिक और बुनियादी ढांचा सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें मान्यता देंगे। उन्होंने कहा कि इसी कारण हम जल्दी ही 9-10 और क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना ला रहे हैं। सरकार पहले ही औषधि, चिकित्सा उपकरण, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनियों के लिए पीएलआई योजना ला चुकी है। अब वह इस योजना को दूसरे क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार कर रही है।

हालांकि नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने यह नहीं बताया कि वे क्षेत्र कौन-कौन से होंगे जो योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पीएलआई योजना का मकसद देश में पैमाने और प्रतिस्पर्धा के लिहाज से वैश्विक स्तर के विनिर्माण के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करना है।

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