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बीसीसीएल आईपीओ को नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर यानी एनआईआई कैटेगरी में 78.29 गुना और खुदरा निवेशक की कैटेगरी में 23.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कोल इंडिया के इस ऑफर फॉर सेल से ₹1,071 करोड़ मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 301.93 अंकों (0.36%) की तेजी के साथ 83,878.17 अंकों पर बंद हुआ।
अगर आप अपने बच्चे के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सरकार की पेंशन योजना NPS वात्सल्य को लेकर पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने बड़े बदलाव किए हैं।
मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि यह पहल उसके सर्विस नेटवर्क को और मजबूत करेगी, जो पहले ही भारत के 2,882 शहरों में 5,780 से अधिक सर्विस टचपॉइंट्स तक फैला हुआ है। इस पहल से ग्राहकों को बेहतर सर्विस अनुभव मिलेगा।
आज के दौर में रिटायरमेंट प्लानिंग सिर्फ एक ऑप्शन नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। बढ़ती महंगाई और मेडिकल खर्चों को देखते हुए ज्यादातर लोग चाहते हैं कि रिटायरमेंट तक उनके पास कम से कम 1 करोड़ रुपये का फंड जरूर हो। ऐसे में म्यूचुअल फंड की SIP एक भरोसेमंद और अनुशासित तरीका मानी जाती है।
आगामी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव लेकर आ रही है। इस ट्रेन में RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) की सुविधा नहीं होगी। अगले सप्ताह गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होगा।
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
अगर आप भी 14 जनवरी को बैंक जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की प्लानिंह बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। RBI की ओर से जारी जनवरी महीने की छुट्टियों की लिस्ट में मकर संक्रांति को लेकर जरूरी जानकारी दी गई है, जिसे जानना आपके समय और मेहनत दोनों को बचा सकता है।
डिजिटल करेंसी की दुनिया में निवेश करने वालों के लिए अब अनजान पहचान के दिन खत्म होने वाले हैं। मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के नियमों को और ज्यादा सख्त कर दिया है।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंकाओं के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं। इस वजह से इन धातुओं को सपोर्ट जारी है।
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