अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ के बाद निर्यातकों ने अपने सामान के निर्यात के लिए तेजी से नए बाजारों की तलाश शुरू कर दी। भारतीय निर्यातकों को इस तलाश से काफी शानदार नतीजे भी मिले हैं। यूरोप के कई देशों में भारत का निर्यात तेजी से बढ़ा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड 27 देशों के यूरोपीय यूरोपीय ब्लॉक में भारतीय वस्तुओं के लिए स्थिर और प्रमुख एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन्स के रूप में उभर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निर्यात के लिए स्पेन एक उच्च विकास वाला यूरोपीय बाजार बनकर उभरा है।
स्पेन को होने वाले निर्यात में 56 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान स्पेन को निर्यात में 56 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और ये पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3 अरब डॉलर से बढ़कर 4.7 अरब डॉलर हो गया। भारत के कुल निर्यात में स्पेन की हिस्सेदारी बढ़कर 2.4 प्रतिशत हो गई, जिसमें 0.5 प्रतिशत अंकों की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 8 महीनों के दौरान जर्मनी को भारत का निर्यात 9.3 प्रतिशत बढ़कर 6.8 अरब डॉलर से 7.5 अरब डॉलर हो गया। एक अधिकारी ने कहा, "भारत के कुल निर्यात में 2.6 प्रतिशत हिस्सेदारी और 0.2 प्रतिशत अंकों की हिस्सेदारी वृद्धि के साथ, जर्मनी भारतीय उत्पादों के लिए स्थिर मांग प्रदान करना जारी रखता है।"
बेल्जियम और पोलैंड के लिए भी भारतीय निर्यात में अच्छी बढ़त
अप्रैल-नवंबर 2025-26 के दौरान बेल्जियम को देश से होने वाला निर्यात 4.2 अरब डॉलर से बढ़कर 4.4 अरब डॉलर हो गया। इस अवधि के दौरान भारत का पोलैंड को निर्यात 7.6 प्रतिशत बढ़कर 1.82 अरब डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल-नवंबर 2024 में ये 1.69 अरब डॉलर था। अधिकारी ने कहा कि कुल मिलाकर ये रुझान भारत की यूरोप के लिए निर्यात रणनीति को दर्शाते हैं। स्पेन में तेजी से बढ़ती मांग, जर्मनी में स्थिर विकास और बेल्जियम में स्थिरता ये दिखाती है कि भारत का निर्यात संतुलित है, जिसमें पुराने बाजारों में मजबूती और नए बाजारों में विविधीकरण दोनों शामिल हैं।



































