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NPS वात्सल्य योजना में बड़ा बदलाव! निवेश और निकासी के नियम बदले, अब बच्चों के फ्यूचर पर मिलेगी ज्यादा सुरक्षा

Edited By: Shivendra Singh
Published : Jan 12, 2026 02:53 pm IST, Updated : Jan 12, 2026 02:53 pm IST

अगर आप अपने बच्चे के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सरकार की पेंशन योजना NPS वात्सल्य को लेकर पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने बड़े बदलाव किए हैं।

NPS वात्सल्य योजना में...- India TV Paisa
Photo:OFFICIAL WEBSITE NPS वात्सल्य योजना में बदलाव

अगर आपने अपने बच्चे के सुरक्षित और सुनहरे भविष्य की प्लानिंग अभी से शुरू कर दी है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने बच्चों के लिए शुरू की गई NPS वात्सल्य योजना को लेकर नए और अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन बदलावों का मकसद इस योजना को पहले से ज्यादा लचीला, पारदर्शी और परिवारों के लिए उपयोगी बनाना है, ताकि जरूरत पड़ने पर निवेशकों को राहत भी मिले और लंबे समय में बेहतर रिटर्न भी सुनिश्चित हो सके।

NPS वात्सल्य एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसे खास तौर पर नाबालिग बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे के नाम पर इस योजना में निवेश कर सकते हैं, ताकि भविष्य में उसे आर्थिक सुरक्षा और पेंशन का लाभ मिल सके। इस योजना को बजट 2024-25 में पेश किया गया था और 18 सितंबर 2024 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। बच्चे की उम्र 18 साल तक इस खाते में निवेश संचालित रहता है, जिसके बाद खाते को आगे बढ़ाने या अन्य विकल्प चुनने की सुविधा मिलती है।

पूंजी आवंटन को लेकर बड़ा बदलाव

नए नियमों के तहत अब NPS वात्सल्य में निवेश की गई राशि का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी यानी शेयर बाजार में लगाया जा सकता है। इससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ेगी। पारंपरिक पेंशन योजनाओं में कम रिटर्न की समस्या रही है, लेकिन इक्विटी में ज्यादा निवेश से बच्चों के भविष्य के लिए मजबूत फंड तैयार किया जा सकेगा।

आंशिक निकासी के नियम हुए स्पष्ट

अब पांच साल का निवेश पूरा होने के बाद अभिभावक बच्चे की शिक्षा, गंभीर बीमारी या इलाज जैसी जरूरतों के लिए आंशिक निकासी कर सकेंगे। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, कुल जमा योगदान का अधिकतम 25 प्रतिशत तक पैसा तीन बार निकाला जा सकता है। इससे यह योजना सिर्फ रिटायरमेंट नहीं, बल्कि अस्थायी जरूरतों में भी मददगार बन गई है।

18 साल के बाद मिलेंगे कई विकल्प

जब बच्चा 18 साल का हो जाएगा, तो उसके पास खाते को तीन साल तक जारी रखने, सामान्य NPS खाते में ट्रांसफर करने या राशि निकालने जैसे विकल्प होंगे। योजना के समापन पर अब 80 प्रतिशत तक राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है, जबकि 20 प्रतिशत रकम एन्यूटी में निवेश करनी होगी। यदि कुल जमा राशि 8 लाख रुपये से कम है, तो पूरी रकम एक साथ निकालने की सुविधा भी मिलेगी।

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