अमृतसर: पंजाब के अमृतसर में जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतक के नजदीकी परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। सीएम भगवंत मान ने जिस गांव में हम खड़े हैं, वहां 5-6 मौतें हुई हैं। यह मौत नहीं, बल्कि हत्या है। हमने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन लोगों ने इसे सप्लाई किया, जिन लोगों ने इसे इन तक पहुंचाया, एक बार जब हमें इस चेन का पता चल जाएगा - किसने किसका साथ दिया, तो इसके तार दिल्ली तक भी जाते हैं, हमारी टीम दिल्ली भी गई है...उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख मुआवजा
भगवंत मान ने कहा कि ये (मृतक) बहुत गरीब घरों से थे, वे लगभग अकेले कमाने वाले थे और उनके छोटे-छोटे बच्चे थे। पैसे से जिंदगी वापस नहीं आ सकती, लेकिन ये परिवार हाथ-मुंह जोड़कर जीते थे और उन्होंने अपने कमाने वाले को खो दिया। हम शोक संतप्त परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देंगे। कई बच्चे बहुत छोटे हैं, अगर उनके खून के रिश्ते में कोई ऐसा व्यक्ति है जो काम करने के योग्य है, तो इससे उनका खर्च चलाने में मदद मिलेगी।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
अमृतसर जहरीली शराब त्रासदी के लिए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया है। बाजवा ने कहा कि जो कुछ हुआ उसके लिए भगवंत मान सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं... वे मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि आप पंजाब से ऐसी चीजों से मुक्ति की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। पंजाब में शराब की फैक्ट्रियां चल रही हैं और शराब के पाउच बांटे जा रहे हैं। यह सरकार की मदद के बिना संभव नहीं है।
राज्यपाल ने जताया दुख
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यह बहुत दुखद और शर्मनाक है। जहरीली शराब के कारण लोगों की मौत हुई। इथेनॉल का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है...मैंने वहां के SSP से बात की है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। सरकार इस घटना में मारे गए बेहद गरीब लोगों को हर संभव मदद देगी...जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट- एएनआई