Highlights
- भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने 27 जुलाई को जंतर-मंतर मार्च का किया ऐलान।
- CJP ने किसान संगठनों के समर्थन का स्वागत किया, सौरभ दास ने X पर जताई खुशी।
- मुस्लिम नेताओं की बैठक में भी छात्र आंदोलन के समर्थन की आवाज।
चंडीगढ़/नई दिल्ली: पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को अब अलग-अलग संगठनों का समर्थन लगातार मिल रहा है। मुस्लिम संगठनों के बाद अब भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है। किसान संगठन ने कहा है कि 27 जुलाई को पंजाब से किसान दिल्ली पहुंचेंगे और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में शामिल होंगे। इस बीच, सरकार और CJP के बीच आज होने वाली बैठक को लेकर फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि यह पहले की तरह विट्ठल हाउस में होगी या किसी अन्य स्थान पर। न तो सरकार और न ही CJP की ओर से बैठक के स्थान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी दी गई है।
27 जुलाई को दिल्ली पहुंचेंगे किसान
भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि 21 जुलाई को छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर पंजाब में काफी नाराजगी है। इसी वजह से किसानों ने दिल्ली जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, '21 जुलाई को छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई, उसे देखकर पंजाब में काफी रोष है। इसलिए हमने दिल्ली जाने का फैसला किया है। जब तक छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक हम जंतर-मंतर पर उनके साथ बैठेंगे। किसान पूरी तैयारी के साथ दिल्ली जाएंगे।' किसान संगठन ने साफ किया कि उनकी मांग है कि छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला लिया जाए और जब तक ऐसा नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
CJP ने किया समर्थन का स्वागत
किसान संगठनों के इस ऐलान का CJP ने स्वागत किया है। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास, जो सरकार से बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा भी हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, 'अब और आएगा मजा।' सौरभ दास का यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्र आंदोलन को लगातार विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। बता दें कि दिल्ली में शनिवार को मुस्लिम नेताओं और धर्मगुरुओं की एक बैठक भी हुई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के मुस्लिम नेता और कई संगठनों के धर्मगुरु शामिल हुए।
चिश्ती ने दी 'शाहीन बाग' की मिसाल
बैठक में सरवर चिश्ती ने छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि देश की युवा पीढ़ी, खासकर मुस्लिम युवाओं और महिलाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने शाहीन बाग आंदोलन का जिक्र करते हुए मुस्लिम समाज से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की। वहीं, बैठक में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने भी छात्र आंदोलन को लेकर अपनी पार्टी का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो मांगें उठाई हैं, वही कांग्रेस का अंतिम रुख है। उन्होंने कहा कि जब तक उन मांगों पर सरकार सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक विपक्ष इस मुद्दे को उठाता रहेगा और चुप नहीं बैठेगा।
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