गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई की हत्या के आरोपी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना गोल्डी बराड़ के माता-पिता की गिरफ्तारी के ठीक दो दिन बाद हुई है। पुलिस ने सोमवार को गोल्डी बराड़ के माता-पिता को फिरौती मांगने के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद मोहाली में बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास अज्ञात हमलावरों ने गुरलाल बराड़ हत्याकांड के एक आरोपी की गोली मारकर हत्या कर दी।
पटियाला रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक नानक सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान गुरविंदर के रूप में हुई है, जो अफीम बरामदगी से जुड़े एक मामले में अदालत में पेशी के लिए आया था। हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। डीआईजी ने बताया, “वह चार किलो अफीम की बरामदगी से जुड़े मामले में सुनवाई के लिए अदालत आया था। इस मामले में वह जमानत पर था।” उन्होंने कहा कि गुरविंदर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
गुरलाल बराड़ हत्याकांड में आरोपी था मृतक
डीआईजी ने बताया कि गुरविंदर का नाम गुरलाल बराड़ हत्याकांड में भी आरोपी के रूप में दर्ज है और इस पहलू की भी जांच की जा रही है। गुरलाल बराड़, पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष और कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का चचेरा भाई था। उसकी अक्टूबर 2020 में चंडीगढ़ के एक मॉल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। डीआईजी नानक सिंह ने कहा, “हम मामले की जांच कर रहे हैं। हमें कुछ अहम सुराग मिले हैं और यह भी जानकारी है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिलवाया। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे।” उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया है और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं।
सोमवार को गिरफ्तार हुए थे माता-पिता
गोल्डी बराड़ के माता-पिता को पुलिस ने 26 जनवरी के दिन गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि शमशेर सिंह और उनकी पत्नी प्रीतपाल कौर को एफआईआर नंबर 233 के फिरौती और जान से मारने की धमकी के मामले में गिरफ्तार किया गया। यह मामला तीन दिसंबर 2024 को दर्ज हुआ था। गोल्डी बरार के माता-पिता आदर्श नगर की गली नंबर 1 में रहते थे। पुलिस ने कोटपुरा रोड के पास से उन्हें गिरफ्तार किया। यह मामला उड़ेकरण गांव के रहने वाले सतनाम सिंह के बयान के आधार पर दर्ज किया गया था। सतनाम सिंह ने थाना सदर श्री मुक्तसर साहिब में बयान दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि 27 नवंबर, 2024 को उन्हें एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें धमकाया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। फिरौती न देने पर सतनाम और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
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