जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात हो गए हैं। पाकिस्तान के पाले-पोसे आतंकियों ने पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया था और 26 लोगों की हत्या कर दी थी। ऐसे में भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए और 48 घंटे के अंदर सभी पाकिस्तानी नागरिकों को अपने देश लौटने का आदेश दिया। इसके साथ ही सभी भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से वापस आने का आदेश दिया। इसके बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
भारत ने पाकिस्तान की सीमा पर स्थित अटारी बॉर्डर को भी बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद कई परिवार मुश्किल में फंस गए हैं और कई घर बिखरने की कगार पर पहुंच गए हैं। सैदयद इमरान अली और सैयद फिजा का परिपार भी इनमें से एक है।
परिवार भारतीय, अकेली मां हिंदू
सैयद इमरान अली की शादी 11 साल पहले पाकिस्तान की सैयद फिजा से हुई थी। इन दोनों के तीन बच्चे हैं। 15 तारीख को इमरान बच्चों के साथ पाकिस्तान गए थे। इनकी पत्नी का पाकिस्तान का पासपोर्ट है। ऐसे में पूरा परिवार पाकिस्तान बार्डर पर फंसा हुआ है। इमरान अली और उनके बच्चे भारतीय हैं, ऐसे में उन्हें तो भारत आने दिया जाएगा पर उनकी पत्नी फिजा का पाकिस्तान का पासपोर्ट है, इसलिए उन्हें भारत नहीं आने दिया जा रहा है।
फिजा के कारण पूरा परिवार बॉर्डर पर फंसा है, क्योंकि मां के बिना बच्चे भारत आकर क्या करेंगे। वहीं, बच्चे और पिता पाकिस्तान में भी नहीं रह सकते हैं, क्योंकि भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वापस आने का आदेश दिया है। सैयद की बहन बॉर्डर पर पहुंची हैं और अपील कर रही हैं कि उनकी भाभी को भारत आने दिया जाए। उनका कहना है कि वे लोग नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले थे, लेकिन उससे पहले हमला हो गया।
शैतान की दुल्हन कर रही इंतजार
राजस्थान के शैतान सिंह की कहानी भी बहुत अलग नहीं है। उनकी शादी पाकिस्तान में तय हुई थी। वह बारात लेकर जाने वाले थे। तैयारी पूरी हो गई थी, लेकिन आतंकी हमले के बाद सरकार ने बॉर्डर बंद कर दिया। शैतान की दुल्हन अभी भी बारात का इंतजार कर रही है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि यह शादी कभी हो पाएगी या नहीं।
सीएए से नागरिकता की उम्मीद लेकर आए, अब लौट रहे
राजस्थान और पंजाब में बड़ी संख्या में ऐसे हिंदू परिवार हैं, जो सीएए के जरिए भारतीय नागरिकता पाने की आस में पाकिस्तान में अपना सब कुछ बेचकर भारत आ गए थे। इन लोगों को भी सरकार ने पाकिस्तान लौटने का आदेश दे दिया है। इन लोगों का कहना है कि पाकिस्तान में अत्याचार से परेशान होकर भारत आए थे, लेकिन अब यहां से भी भगाया जा रहा है। पाकिस्तानी शरणार्थी दिलीप सिंह सोढ़ा ने कहा कि केंद्र सरकार का फैसला 'पूरी तरह से गलत' है। उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान में बहुत अत्याचार और धार्मिक उत्पीड़न सहने और अपना सबकुछ बेचने के बाद भारत आए हैं। अब उन्हें वापस पाकिस्तान भेजने की बात हो रही है, यह बिल्कुल सही नहीं है। आप हमें यहीं गोली मार सकते हैं। हम यहीं मर जाएंगे। कम से कम हमारी अस्थियां हरिद्वार में तो विसर्जित होंगी।'